अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस -2020 , थीम – “मेरी आवाज़, हमारा सामान भविष्य”

पिछले वर्ष का थीम था “गर्ल फोर्स :अनस्क्रिप्टेड एंड अनस्टॉपेबल”

11 अक्टूबर, “अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस” यह तारीख़  2012 से आम दिनों से अलग हो गई थी। दुनिया भर में  महिलाओं के खिलाफ लिंग के आधार पर असमानता के खिलाफ जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल इसे मनाने का निर्णय लिया गया था। इस वर्ष यानी 2020 में यह दिवस “मेरी आवाज़, हमारा सामान भविष्य”  के थीम पर मनाया जा रहा हैं।

 

Women's Day on Twitter: "Inspire the next generation on International Girls Day. Celebrate #DayoftheGirl #IDG2017 #IDG17 #InternationalGirlsDay #GirlsDay October 11… https://t.co/v66G5Qpt4O"

हर वर्ष यह दिवस एक खास थीम के साथ मनाया जाता है। और इस बार का थीम समय से हिसाब से काफी प्रासंगिक भी है। आज जब पूरा विश्व कोरोना महामारी के बुरे दौर से गुज़र रहा है और इस महामारी के वजह से सैकड़ों लोगो की नौकरियाँ चली गई है, कई लोग घर पे रहने को मजबूर है, लोगो में मानसिक तनाव बढ़ रहा है।

ऐसे दौर में कई रिपोर्टों के माध्यम से यह पता चला है कि इस महामारी के दौर में महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा में बढ़ोतरी हुई है साथ ही नौकरियों के मामले  में भी लड़कियों के साथ भेदभाव बढ़ गया है। ऐसे वक्त में  यह  प्रयास उन्हें अपनी आवाज़ बुलंद  कर अपने अधिकारों  लिए लड़ने  के लिए प्रेरित करेगा।


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2012 में  अंतरराष्ट्रीय  बालिका दिवस मनाने की हुई थी शुरुआत

International Day of The Girl Child 2019: Know This Year's Theme, Significance And Everything You Need to Know, Twitterati Extends Their Wishes | India.com

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलने वाली एक गैर सरकारी संस्था, प्लान इंटरनेशनल एक प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरुवात हुई थी। इस संगठन ने “क्योंकि में एक लड़की हूँ” नाम से एक अभियान भी शुरू किया था।

इसके बाद इस अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने  के लिए संगठन ने कनाडा सरकार से संपर्क किया था। इस पर कनाडा सरकार ने 55वें आम सभा में इस प्रस्ताव को रखा।

अंतत: संयुक्त राष्ट्र ने 19 दिसंबर, 2011 को इस प्रस्ताव को पारित किया और आखिर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में मतदान  के बाद 2012 में ” बाल विवाह समाप्त करना” के थीम के साथ इसे आधिकारिक तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया ।

बालिकाओं को समनता का अधिकार दिलवाना मुख्य लक्ष्य

GirlsTakeover on International Day of the Girl Child | Dhaka Tribune

महिलाओं को समान अधिकार दिए बिना पूरे विश्व में प्रगति और खुशहाली  संभव नहीं है।  पूरे विश्व में महिलाओं के खिलाफ बाल विवाह, शिक्षा में असमानता, सुरक्षा, नौकरी जगाहों में भेदभाव आदि बहुत सारी गंभीर परेशानियां हैं।

बीते कई सालो में इनके खिलाफ कई देशों में अच्छे कदम भी उठाए है। अब वक़्त है इस सभी समस्याओं को जड़ से समाप्त किया जाए, ताकि महिलाएं  पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर इस विश्व के प्रगति में योगदान दे सकें। जबतक बालिकाओं कि स्थिति में बदलाव नहीं आयेगा, लोगों की सोच नहीं बदलेगी और तब तक पूरा विश्व में बदलाव नहीं आयेगा।

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