आखिर चौकीदार को चोर क्यों कह रहे हैं बैंक कर्मचारी?

दरअसल हड़ताल की रणनीति बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के ऐलान के बाद बनी उन्होंने ऐलान किया था कि सरकार दो सरकारी बैंक और एक इंश्योरेंस कंपनी का निजीकरण करेगी। ग़ौरतलब है कि पिछले 4 सालों के दौरान 14 सार्वजनिक बैंक को मर्ज किया गया। अभी करीब 12 सरकारी बैंक है यदि इनमें से भी दो बैंकों का निजीकरण किया जाता है तो इनकी संख्या बस 10 रह जाएगी।

इस संबंध में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफीसर्स एसोसिएशन के महासचिव अजीत कुमार मिश्रा का कहना है कि हड़ताल की वजह से स्टेट बैंक और व्यवसायिक बैंकों की 3978 तथा ग्रामीण बैंकों की 2110 शाखाओं से 70 हजार करोड़ का कारोबार बंद रहेगा।

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