उत्तर प्रदेश में डिस्कॉम के निजीकरण के खिलाफ 15 लाख बिजली कर्मचारी 1 दिन के हड़ताल पर रहेंगे

उत्तर प्रदेश के 15 लाख बिजली कर्मचारी सोमवार को 1 दिन के हड़ताल

“उत्तर प्रदेश में डिस्कॉम के निजीकरण के खिलाफ 15 लाख बिजली कर्मचारी एक दिन के हड़ताल पर रहेंगे  जिसके कारण प्रदेश में बिजली समस्या ने तूल पकड़ा है। कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर फ़ैसले को वापस नहीं लिया गया तो वह अनिश्चितकाल तक काम का बहिष्कार करेंगे।”

उत्तर प्रदेश में डिस्कॉम के निजीकरण के खिलाफ 15 लाख बिजली कर्मचारियों का एक दिन का हड़ताल

उत्तर प्रदेश के बिजली वितरण कंपनी डिस्कॉम के निजीकरण आदेश के खिलाफ उत्तर प्रदेश के 15 लाख बिजली कर्मचारी सोमवार को 1 दिन के हड़ताल पर जाएंगे।


और पढ़ें:बिहार चुनाव: नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के ख‍िलाफ मैदान में उतरेगी


केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध लंबे समय से बिजली कर्मचारी कर रहे

केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध लंबे समय से बिजली कर्मचारी कर रहे हैं और उनका कहना है अगर उनकी मांगों को सरकार नहीं सुनती है तो वह अनिश्चितकाल के लिए काम का बहिष्कार करेंगे।

बिजली क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में यूपी में लाखों विद्युतकर्मियों की हड़ताल, उत्पादन आपूर्ति व्यवस्था ठप | One day strike of workers against privatization of ...

इसी के साथ उत्तर प्रदेश में बिजली समस्या गहराती जा रही है। बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के जिला संयोजक अवधेश कुमार ने रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि देश के दूसरे संस्थान जैसे दिल्ली, उज्जैन, नागपुर ,ग्वालियर, गया, भागलपुर आदि में भी बिजली निजीकरण असफल साबित हुआ यह फैसला आम जनता के लिए बड़ी समस्या है क्योंकि इससे बिजली महंगी हो जाएगी। 

निजीकरण से उत्तर प्रदेश में आम लोगों को बिजली की बेहतर सुविधा होगी 

वहीं केंद्र सरकार ने फैसले के बाद दावा किया है कि निजीकरण से उत्तर प्रदेश में आम लोगों को बिजली की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। आत्मनिर्भर भारत की चौथी किस्त का ऐलान करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत के दूसरे शहरों के लिए भी डिस्कॉम का निजीकरण एक योग्य मॉडल साबित होगा।

निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता ज़रूरी है

आपके लिए डेमोक्रेटिक चरखा आपके लिए ऐसी ग्राउंड रिपोर्ट्स पब्लिश करता है जिससे आपको फ़र्क पड़ता है
हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.