किसान प्रदर्शनकरियों ने बारिश में भी रखा मनोबल मजबूत

प्रदर्शनकारी किसान परेशानी हालात में फ़िर भी मनोबल मजबूत

जैसा हम जानते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों के विरोध में पिछले एक महीने से भी अधिक समय से दिल्ली की सीमाओं पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। मगर वहां रातभर हुई बारिश के कारण इन किसानों की मुश्किलें अब बढ़ गई हैं। हालंकि दिल्ली की ठंड लहरें और बारिश भी इन प्रदर्शनकारी किसानों का हौसला तोड़ नहीं पा रही है।

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बता दें कि रातभर हुई बारिश के कारण से आज सुबह इन आंदोलनकारी किसानों के तंबुओं  में पानी भर गया है। बारिश ने उनकी मुश्किल इतनी बढ़ा दी कि वहां रखीं अलाव, ईंधन की लकड़ी, कंबल समेत सभी किसानों की सारे सामान भीग गए हैं। अभिमन्यु कोहर जो कि संयुक्त किसान मोर्चा के किसान नेता हैं। उन्होंने बताया कि किसान जिन तंबुओं में पिछले एक महीने से सीमा पर रूके हैं।वो सब वाटरप्रूफ  बनाए गए हैं।मगर  ठंड एवं जलभराव के कारण से किसानों के तंबुओं में पानी भर गया है। जिससे उन्हें काफ़ी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।


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सरकार एवं किसान नेताओं के मध्य अगली बैठक 8 जनवरी को

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नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान पिछले कई दिनों से ही दिल्ली के विभिन्न बॉर्डरों पर कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर डटे हुए हैं। ग़ौरतलब है कि पिछले दिन ही सरकार एवं किसान नेताओं के मध्य सातवें दौर की बैठक आयोजित की गई थी।

बैठक दोनों पक्षों के बीच तीन घंटे तक चली, लेकिन यह बेनतीजा साबित हुई है। वहीं अगले दौर की बैठक 8 जनवरी को तय की गई है। प्रदर्शनकारी किसान संगठनों के प्रतिनिधि अभी भी तीन क़ानूनों को निरस्त करने की मांग पर अड़े हुए हैं। जिसपर सरकार की ओर से बताया गया है कि इन क़ानूनों को वापस नहीं लिया जाएगा मगर सरकार इसमें संशोधन के लिए तैयार है।

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लेकिन अब इसी बीच दिल्ली में लगातार हो रही बारिश ने इन किसानों के सामने बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। दिल्ली में बढ़ती ठंड और लगातर बारिश के कारण से ये किसान अपने-अपने तंबुओं में कैद हो गए हैं। रात भर हुई बारिश के कारण से सड़कों पर जलभराव हो गया है। वहीं दूसरी ओर किसानों के तंबू से भी पानी टपकने शुरू हो गए हैं। मगर इन सब के बावजूद आंदोलनकारी किसान बढ़ती इस ठंड से बचने के लिए रजाई ओढ़े हुए हैं और सारी मुश्किलों का डट कर सामना कर रहे हैं। जिसे देख लग रहा है कि लगातार बारिश और ठंड भी इन किसानो का मनोबल कम करने में सक्षम नहीं है।

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