कोरोना काल में नीट-जीईई परीक्षा पर सरकार और छात्र आमने-सामने

देश भर में कोरोना का संकट अभी टला नहीं है वहीं छात्रों के ऊपर ये संकट एक अलग ही रूप लेकर आ गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेन्सी (एनटीए) जो की देश में सभी तरह की परीक्षाएं आयोजित करवाती है, एनटीए ने जेईई (मुख्य) और नीट की परीक्षाओं की स्थगित किया और तारीख को आगे बढ़ाया। जहां नीट की परीक्षा दो बार स्थगित की जा चुकी है और सितंबर में उसकी फाइनल तिथि की जा चुकी है। जेईई की परीक्षा 1 सितंबर से 6सितंबर के बीच आयोजित की जाएगी, वहीं नीट की परीक्षा की तारीख 13सितंबर निर्धारित किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला:-

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवर को जेईई मेंस और नीट की स्थगित करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी, इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरुण मिश्रा की अगुवाई वाले बेंच का कहना है कि कोविड-19 के दौरान भी ज़िन्दगी चलती रहेगी, जिसके चलते छात्रों का कीमती वर्ष बर्बाद नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेन्सी के फैसला को सही बताते हुए कहा कि हम इनके फैसले में दखल देकर स्टूडेंट्स का करियर खतरे में नहीं डालना चाहता।

क्या है सुरक्षा की तैयारियां:-

सुप्रीम कोर्ट ने फैसले के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी और बच्चों सुरक्षा की तैयारी के भी निर्देश दिए हैं, जेईई मेंस के लिए देश भर में 600 सेंटर्स  बनाए गए हैं, जबकि नीट के लिए 4000 सेंटर्स बनाए गए हैं। परीक्षाएं शुरू होने से बिल्कुल पहले तक पूरे अरिया और एग्जाम हाल को पूर्ण रूप से बैरिकेडिंग के ज़रिए सील रखा जाएगा। छात्रों को परीक्षा के दिन ट्रिपल लयर मस्क एन-95 या कपड़े का मस्क ज़रूर पहनें।


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विपक्ष की बातें:

गौरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और नेता राहुल गांधी ने भी इस मामले पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि सरकार को सितंबर में होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) स्थगित करने वाले छात्रों की बात सुननी चाहिए। राहुल गांधी ने अपने एक ट्वीट में केंद्र को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को “छात्रों कि मन की बात” को सुनना चाहिए और कोई परिपूर्ण हल निकालने चाहिए।

सरकार का प्रतिउत्तर:-

भाजपा ने और राज्य सभा संसद सुब्रमण्यम स्वामी कहा की उन्होंने सिक्षा मंत्री को अवगत कराया है कि जेईई( मेंस) 2020, नीट और इसी तरह की अन्य परीक्षाओं का आयोजन दीवाली के बाद ही किया जाना चाहिए। इसी मामले में उन्होंने पीएम को एक आग्रह पत्र भी भेजा है।

 

स्टूडेंट्स की प्रतिक्रिया:-

स्टूडेंट्स ने परीक्षा स्थगित करने के लिए अपनी तरफ से कुछ अभियान चालू किए हैं, स्टूडेंट्स ने सोशल मीडिया पर परीक्षा स्टेजित करने के लिए अभियान छेड़ दिया है और #postponejeeneet  और #noexamsinCOVID  तेज़ी से सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। एक लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स इससे लेकर ट्वीट कर चुके हैं। खास बात ये है कि स्टूडेंट्स अपने ट्वीट्स में प्रधान मंत्री,  अपने प्रदेश के मुख्य मंत्री और मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल को भी टैग कर रहे हैं। देखिये स्टूडेंट्स के कुछ रिएक्शन:-

छात्रों का कहना है कि जब कोरोना केसेस कम थे तब सरकार ने परीक्षा की कोई सुध नहीं ली लेकिन अब भारत में कोरोना अपने चरम सीमा पर है और कोरोना मामले 30 लाख से भी ज़्यादा जा चुके हैं तब उन्हें परीक्षा लेनी है.

श्रेया मिश्रा

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