ग्लोबल हंगर इंडेक्स में 107 राष्ट्रों में 94 स्थान पर पहुंचा भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के भी नीचे

ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत का स्थान

ग्लोबल हंगर इंडेक्स की श्रेणी में भारत का स्थान 94 है। भारत के पड़ोसी देश म्यांमार, पाकिस्तान और बांग्लादेश भी गंभीर स्थान पर हैं लेकिन भारत से ऊपर का स्थान मिला है।

ग्लोबल हंगर इंडेक्स ने भारत समेत कई  देशों को भूख के गंभीर श्रेणी में रखा गया है। विशेषज्ञों की मानें तो उनका कहना है निगरानी की कमी होना, कुपोषण पर सही तौर से ध्यान ना देना, बड़े राज्यों में खराब प्रदर्शन इसके कुछ कारण हो सकते हैं। 2019 की बात की जाए तो भारत का स्थान 117 देशों में 102 पर था।

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पाकिस्तान,बांग्लादेश और म्यांमार को भी गंभीर श्रेणी में रखा गया है लेकिन इस साल की सूची में उनका स्थान भारत से ऊपर है। बांग्लादेश 75 पर, म्यानमार 78 पर वहीं पड़ोसी दुश्मन देश पाकिस्तान 88 स्थान पर मौजूद है। नेपाल 73 और श्रीलंका 64 स्थान के साथ मध्यम श्रेणी में आते हैं। चीन समेत 22 देश कुपोषण पर नजर रखने वाले ग्लोबल हंगर स्ट्राइक में शीर्ष स्थान पर मौजूद है। जीएचआई की वेबसाइट पर बीते शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।

भारत की‌ 14% आबादी कुपोषण की शिकार

रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है कि भारत की‌ 14% आबादी कुपोषण की शिकार है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर 3.7%‌ थी. वहीं दूसरी ओर कुपोषण के कारण जो बच्चे नहीं बढ़ पाते उनका दर 37.4 है।

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भारत समेत पड़ोसी देश नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान और बांग्लादेश के 1991 से लेके अभी तक के आंकड़ों से पता चलता है कि वैसे परिवार आज भी कुपोषण के अंदर दबे हुए हैं जिनका शारीरिक और मानसिक रूप से विकास नहीं हो पाता और गरीबी की समस्या से जूझते रहते हैं।


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भारत की रैंकिंग में सुधार के लिए कुछ राज्यों में सुधार की जरूरत

अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति शोध संस्थान, नयी दिल्ली में वरिष्ठ शोधकर्ता पूर्णिमा  ने कहा कि भारत की रैंकिंग में सुधार के लिए कुछ राज्यों में सुधार की जरूरत है जैसे कि उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्य में आज भी लोग गरीबी के शिकार है।

Global Hunger Index India falls to 102 in hunger index hindi

उच्च शिक्षा ना होने के कारण वह मानसिक तौर पर भी विकास नहीं कर पाते जिसके वजह से आज भी भारत में कुपोषण में सुधार नहीं हुआ है। उत्तर प्रदेश और बिहार में कुपोषण के ज्यादा मरीज हैं और यह राज्य जनसंख्या के लिहाज से देश में खासा योगदान करते हैं। अगर भारत को अपनी रैंकिंग में सुधार लाने की जरूरत है तो शुरुआत इन्हीं राज्यों से करनी होगी।

आपको बता दें कि भारत में पैदा होने वाला हर पांचवां बच्चा उत्तर प्रदेश का होता है। उच्च आबादी के लिहाज से अगर यहां कुपोषण पर काबू पाया जा सकेगा तो ही देश का विकास संभव है। तभी भारत अपनी रैंकिंग में सुधार कर सकता है।

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मेनन ने यह भी कहा कि कुछ प्रमुख राज्य जैसे बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और उत्तर प्रदेश में सुधार की आवश्यकता है। पौष्टिक आहार और समय पर इलाज अगर मिल जाए तो भारत कुपोषण की जंग से निश्चित तौर पर जीत हासिल कर लेगा।

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