छत्तीसगढ़ में हो रहे नक्सलियों के बीच गैंगवार से बढ़ सकती है वहां हिंसक घटनाएँ

छत्तीसगढ़ में हो रहे नक्सलियों के बीच गैंगवार 

“छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों के बीच आए दिन आपस में मतभेद हो रहा है जिसकी वजह से गैंगवार जैसी घटनाएँ हो रही है। लोगों को भय है कि इससे बस्तर में हिंसक घटनाएँ बढ़ेगी

Gangwar Started In Naxalites Over Killing Of Villagers In Bastar - बस्तर  में ग्रामीणों की हत्या को लेकर नक्सलियों के बीच शुरू हुआ गैंगवार | Patrika  News

छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस विभाग का कहना है की आपस में बढ़ते मतभेद के चलते नक्सली एक दूसरे की हत्या करने में लगे हैं जिससे गैंगवार की परिस्थिति पैदा हुई है।

गैंगवार का प्रमुख कारण

इस गैंगवार का दो प्रमुख कारण भी है पहला नक्सली द्वारा मुखबिरी के शक में गांव के ग्रामीणों की हत्या और दूसरा कैडर सदस्यों द्वारा लगातार सरेंडर करना है।

आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले ही गंगलूर थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने आपसी मतभेद में आकर 10 लाख का इनामी में माओवादी  मोड़ियम विज्जा की हत्या कर दी थी।


आगे पढ़ें:चुनाव आयोग ने बिहार चुनाव को लेकर पार्टी पंजीकृत करवाने के समय में दी छूट, अब 7 दिन का देना होगा नोटिस


इतना ही नहीं 3 लाख का इनामी नक्सली जनताना प्रभारी लखु हेमला और जोनल कमेटी का रेज अध्यक्ष संतोष की भी हत्या आपसी गैंगवार में की गई।

पिछले 1 महीने में 6 इनामी नक्सलियों की आपसी मतभेद में हत्या कर दी गई

पुलिस के मुताबिक इस साल नक्सलियों ने लगभग 60 ग्रामीणों को पुलिस से मिली भगत के चलते मौत के घाट उतार दिया। हाल ही में छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने अपने जारी किए गए बयान में कहा था कि ग्रामीणों की नृशंस हत्या नक्सलियों के ख़ात्मे का कारण बनेगी।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों में बढ़ते मतभेद से हो रहा है गैंगवार, बढ़ सकती हैं  हिंसक घटनाएं

वही पुलिस अधिकारियों का दावा है कि पिछले 1 महीने में 6 इनामी नक्सलियों की आपसी मतभेद में हत्या कर दी गई जो दर्शाता है कि इनकी आपस में नहीं बन रही है।

अधिकारियों का यह भी कहना है कि जिस प्रकार निर्दोष ग्रामीणों को मुखबीर बताकर उन की निर्मम हत्या की जा रही है तो इसका विरोध उनके ही साथ  नक्सली करने लगे हैं।

इस विरोध के चलते भी यह लोग कैडर के लोगों पर अपनी धाक बनाए रखने के लिए विरोध करने वालों की हत्या कर रहे हैं। साथ ही सरेंडर करने वाले लोगों के मन में भय पैदा हो इसके चलते भी हत्या का डर दिखा कर उन्हें रोकने की कोशिश की जा रही है।

आपको बता दें कि भारत में नक्सलवादी की समस्या नई नहीं है बल्कि कई वर्षों से एक प्रथा बन गई है। छत्तीसगढ़ को नक्सलियों का गढ़ माना जाता है।

Chhattisgarh News: Khauf paida karne wale 25 logon ki hatya, naxaliyon ne  li jimmedari:खौफ पैदा करने के लिए मुखबिरी करने वाले 25 लोगों की हत्या,  नक्सलियों ने ली जिम्मेदारी

तमाम सरकार और स्थानीय प्रशासन इन पर काबू पाने में असफल साबित हुई है क्योंकि इन्हें ग्रामीण इलाकों के लोगों का भरपूर सहयोग प्राप्त होता है।

लेकिन हाल के दिनों में इनकी गति विधि से ग्रामीण इलाकों के लोगों में इनके प्रति भावना बदली है और इसी का परिणाम है इन नक्सलियों में आए दिन आपसी मतभेद बढ़ता ही जा रहा है।

निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता ज़रूरी है

आपके लिए डेमोक्रेटिक चरखा आपके लिए ऐसी ग्राउंड रिपोर्ट्स पब्लिश करता है जिससे आपको फ़र्क पड़ता है
हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.