जानें गांधी का सेंस ऑफ ह्यूमर क्या था, जिसके बिना वह आत्महत्या कर लेते

गांधी और उनका रोचक सेंस ऑफ ह्यूमर

महात्मा गांधी के अपने सिद्धांतों मूल्यों अहिंसा और सत्यवादी नीति के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं परंतु क्या आप उनके हास्य कला और मजाकिया अंदाज़ के बारे में जानते हैं? 

गांधी

बहुत कम लोगों को पता है कि गांधी जी का सेंस ऑफ ह्यूमर बहुत रोचक और चुटकुला हुआ करता था। 

अक्सर यह देखा गया था कि वह बड़ी से बड़ी टिप्पणी व्यंग के रूप में कर देते थे और लोग उनसे काफी प्रभावित भी होते थे। वे अपनी हाज़िर जवाबी को लेकर हमेशा चर्चा में रहते थे।

एक बार तो उन्होंने यह तक कह डाला था कि अगर उनका सेंस ऑफ ह्यूमर नहीं होता तो वह आत्महत्या कर लेते। चुटकुले सवालों का जवाब भी वह मजाकिया अंदाज़ में ही देते थे और लोग उनकी इस प्रतिभा के कायल थे।


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गांधी का मज़ेदार अंदाज़

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू भी गांधी जी के मज़ाकिया अंदाज़ को काफी पसंद करते थे। 

नेहरू जी ने अपने आत्मकथा में इस बात पर प्रकाश डाला था कि जिसने गांधी जी का मजाकिया अंदाज़ नहीं देखा वह एक बेहद कीमती चीज से वंचित रह गया।

गांधी

आपको बता दें कि सरोजनी नायडू और गांधी जी के बीच एक रोचक रिश्ता हुआ करता था। जहां सरोजनी नायडू बापू को मिकी माउस कहकर बुलाती थी।

 वही गांधीजी भी अपने पत्र में उनको डियर मीराबाई या फिर डियर बुल बुल और कभी-कभी तो अम्मा जान भी लिख कर भेजा करते थे।

महात्मा गांधी: द मैन ऑफ लाफ्टर

आजाद हिंदुस्तान के आख़िरी गवर्नर चक्रवर्ती राजगोपालाचारी ने गांधी के बारे में यह कहा था की ही द मैन ऑफ लाफ्टर यानी वह एक मजाकिया पुरुष हैं। 

महात्मा गांधी के बारे में यह भी कहा जाता है कि वह अपने याददाश्त के बहुत पक्के थे और उन्हें जीवन के हर बारीकी का पूर्ण रूप से ज्ञान था। 

अपने हास्य कला को जी बापू ने अपना हथियार बना लिया था। उस दौर में जब भारत अपनी आजादी की लड़ाई अंग्रेजों से लड़ रहा था तो गांधी जी खुद यह बात बहुत बार कह चुके थे कि वो ब्रिटिश सरकार का विरोध और किसी बात पर असहमति भी हंसी मजाक के जरिए प्रस्तुत करते थे। 

इस आदत पर तंज कसते हुए एक ब्रिटिश पत्रकार ने महात्मा गांधी से यह पूछ डाला कि आपके मनोविनोद को आपकी झुंझलाहट समझी जाए, इस पर गांधीजी हंसते हुए कहते हैं जिस परिस्थिति में मैं कार्य करता हूं अगर मेरे अंदर सेंस ऑफ ह्यूमर नहीं होता तो अब तक मैं पागल हो चुका होता। 

 गांधी का हाज़िर जवाबी 

इंग्लैंड के प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल गांधी जी के व्यंग से परेशान होकर उनको अधनंगा फकीर कहना शुरू कर दिया था और उनका मज़ाक उड़ाने लगे थे।

गांधी का हाज़िर जवाबी भारत में तो पहले से प्रसिद्ध था परंतु जब वह ग्लोबल सम्मेलन में शिरकत करने लंदन गए थे, तो वहां अपनी हाज़िर जवाबी से दुनिया भर के पत्रकारों का दिल जीत लिया था।

गांधी

 गांधी जी के जवाबदेही से विश्व के लोग इतने मुराद हुए इंग्लैंड के हास्य कलाकार चार्ली चैपलिन ने खुद गांधी से मिलने की इच्छा जताई और दोनों के बीच कई चुटकुलों का भी आदान प्रदान हुआ। 

इसमें कोई शक नहीं की बापू जैसा ना कोई इस दुनिया में आया था ना कोई कभी आएगा। उन्होंने जीवन के हर स्वरूप में लोगों को बहुत कुछ सिखाया है।

आज के युवा अगर उनके जीवन कि कुछ सिद्धांतों को अपने दिनचर्या का हिस्सा बना लें तो उनका जीवन सफल हो जायेगा।

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