तीन कृषि क़ानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर टिकरी बार्डर पर डेरा डाले एक और किसान की मौत

टिकरी में हुई एक और किसान की मौत 

सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि क़ानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर टिकरी बार्डर पर डेरा डाले एक और किसान की मौत होने की ख़बर सामने आई है। बड़े ही दुख की बात है कि 55 वर्षीय किसान की टिकरी बॉर्डर पर खेत के बिल के विरोध का हिस्सा बने रहने के दौरान ही बुधवार देर शाम को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई है।

Farmers' protest: Singhu, Tikri border points remain closed - india news - Hindustan Times

पीजीआई से रोहतक ले जाते वक्त ही हुई मौत

हम आपको बता दें 27 नवंबर से अब तक चले आ रहे विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले बठिंडा के रहने वाले लखवीर सिंह छठे व्यक्ति हैं।झज्जर के पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने बताया कि लखवीर सिंह को सीने में दर्द और उल्टी के कारण से कल रात को 10.30 बजे बहादुर गढ़ के सामान्य अस्पताल ले जाया गया था। जिसके बाद उन्हें पीजीआईएमएस रोहतक रेफर किया गया था। जहां आधी रात के आसपास ही उनकी मृत्यु होने की ख़बर मिली है।

Singhu and Tikri borders closed for traffic due to farmers' protest, Delhi Traffic Police issues advisory - india news - Hindustan Times

बता दें कि शव रोहतक की मोर्चरी में है और लक्षण दिल का दौरा पड़ने का संकेत देते हैं मगर केवल मात्र पोस्टमार्टम ही मृत्यु के कारण की पुष्टि कर सकता है। 


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जानकारी के मुताबिक़ भारतीय किसान यूनियन (उगरान) के सदस्य लखवीर 28 नवंबर को बठिंडा-डबवाली सीमा से संघ के सदस्यों के साथ दिल्ली आए थे और  28 नवंबर से वह सीमा पर लंगर की ड्यूटी कर रहे थे। जहां दिन के काम के बाद हजारों लोगों के लिए वे लंगर तैयार करते थे।

Farmers' protest: Delhi traffic affected as Singhu, Tikri borders closed for movement - India News

और रात में ट्रॉली के नीचे धान के डंठल या बिस्तर बिछा कर सोते थे। दरअसल 2 दिसंबर को करीब 12.30 बजे वे बहुत ही बेचैन महसूस कर रहे थे और जिसके बाद पीजीआई से रोहतक ले जाते वक्त रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

शिंगारा सिंह मान ने किया परिजनों के लिए मुआवज़े की मांग

उनके बेटे जगजीत सिंह ने कहा कि मोर्चे के लिए कुछ कुर्बानियां देनी पड़ सकती हैं परन्तु केंद्र की सभी मांगों को पूरा करने के बाद वह लौटेगा। इसके साथ ही बताया कि हम खेत के बिल के खिलाफ हैं पर अपने पिता को खोना बेहद काफ़ी दुखदपुर्ण एवं दर्दनाक है।

इसी बीच बीकेयू (उगराहन) के उपाध्यक्ष शिंगारा सिंह मान ने बताया कि लखवीर सिंह का शव मोर्चरी में है और अंतिम संस्कार तभी किया जायगा जब परिजनों के लिए 10 लाख रुपये का मुआवजा,परिवार के सदस्य को नौकरी और परिवार के लिए कर्ज माफी की गारंटी दी जाएगी।

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