दिव्यांगो

एक मंजिला कलेक्ट्रेट भवन होने के बावजूद दिव्यांगो के लिए रैंप या लिफ्ट नहीं, कैसे होगी सुनवाई?

दिव्यांगो के लिए रैंप या लिफ्ट नहीं कैसे होगी सुनवाई?

उत्तर प्रदेश भीलवाड़ा में प्रशासन की अनदेखी और लापरवाही की वजह से वहां के कलेक्ट्रेट में अपनी समस्याओं की सुनवाई करवाने आने वाले दिव्यांगो और बुजुर्गो को कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। हम ऐसा कह रहे हैं क्योंकी जिले के हाकम का दफ्तर प्रथम मंजिल पर और जनता का दरबार भी उनके बगल में है।

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लेकिन इसके बावजूद यहां लिफ्ट की सुविधा है जिसकी वजह से उन्हें अपनी परेशानी कलक्टर तक पहुंचाने के लिए शारीरिक कष्ट झेलना पड़ रहा है।

राज्य सरकार ने दिया था लिफ्ट के लिए फंड लेकिन दस सालों से घूम रही फाइल

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ऐसा नहीं है कि यह परेशानी नहीं है पहले भी इस परेशानी को ध्यान में रखते हुए  राज्य सरकार ने वर्ष 2010 में जिला कलक्टर कार्यालय में दिव्यांगों की सुविधा के लिए लिफ्ट लगाने की घोषणा की थी। इस घोषणा पर जिला प्रशासन ने वर्ष 2016 में अमल किया। इसके चलते लिफ्ट लगाने का जिम्मा नगर विकास न्यास को सौंपा गया। न्यास ने लिफ्ट के लिए 15 सितम्बर 2016 को लगभग 17 लाख रुपए मंजूर किए और 18 अक्टूबर 2016 को एक कंपनी के नाम वर्क ऑडर जारी किया।

लेकिन यह वर्क आर्डर निरस्त हो गया। इसके बाद फिर 2018 एक बार में नगर विकास न्यास ने फिर लिफ्ट की सुध ली, लेकिन तकनीकी कारण आडे आ गए फिर लिफ्ट फिसल गई। कलक्टर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को जिम्मेदारी दी लेकिन निर्माण विभाग में फाइल ही आगे नहीं बढ़ी।


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कागज में ही रही लिफ्ट, उसके जगह अब कोविड रूम बन गई 

लिफ्ट का काम शुरू नहीं होने से कलक्ट्रेट भवन में लिफ्ट के लिए छोड़ी गई जगह भी कोविड़ व चुनाव कंट्रोल रूम में तब्दील हो कर रह गई। वरिष्ठ नागरिक मंच एवं संस्थान के सदस्यों ने भी ज्ञापन के जरिए लिफ्ट लगाने की मांग कई बार उठाई है। मंच का  कहना है कि कलक्ट्रेट में रोजाना सौ से अधिक दिव्यांग, बुजुर्ग लोग आते है लेकिन कलक्ट्रेट का मुख्यालय प्रथम मंजिल पर होने एवं सीढ़ी भी सहज नहीं होने से काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

सीढ़ियां ना चढ़ पाने की स्तिथि में नहीं पहुंचा पाते  दिव्यांग अपनी परेशानी

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जिले के कलक्ट्रेट में जिला कलक्टर कार्यालय, अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन कार्यालय, राजस्व, न्याय, आपदा प्रबंधन व चुनाव शाखा है। विकास परियोजना निगम व जिला उपभोक्ता मंच कई मुख्य कार्यालय प्रथम मंजिल पर हैं लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए यहां बुर्जुग एवं विकलांगों के लिए रेम्प या लिफ्ट नहीं होने से उनकी परेशानी बरकार है। कई विकलांग लिफ्ट एवं रैंप के अभाव में अपनी गुहार जिला कलक्टर के समक्ष नहीं लगा पा रहे और न ही वह जनता दरबार का दरवाजा खटखटा पा रहे हैं। अब इस पूरे घटनाक्रम की खबर फिर से आने पर भीलवाड़ा जिला मजिस्टे्रेट राकेश कुमार ने कहा कि दिव्यांगो व बुजुर्ग की पीड़ा सामने आई है। नगर विकास न्यास के जरिए लिफ्ट कलक्ट्रेट में स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। नए सिरे से टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

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