नवदीप ने कुछ भी गलत नहीं किया, उसे निशाना बनाया जा रहा है: नवदीप की मां

बता दें नवदीप को 12 जनवरी को सोनीपत पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किया है। जो कुंडली कारखाने में कारखाने के श्रमिकों की मज़दूरी के लिए लड़ने के अलावा भी किसानों के विरोध प्रदर्शनों में अपनी आवाज़ उठा रहीं थी।

नोडेप कौर

पंजाब के मुक्तसर जिले के गांधार गांव में अर्ध-पक्के घर के अंदर रहने वाली नवदीप कौर की मां स्वर्णजीत कौर ने डेमोक्रेटिक चरखा  से बात करते हुए कहा कि मुझे अपनी बेटी नवदीप पर गर्व है। उसने कुछ भी गलत नहीं किया है लेकिन उसे निशाना बनाया जा रहा है। उन्होनें कहा कि उनके दो बेडरूम के घर में एक उचित रसोई घर नहीं है। एक अतिरिक्त कमरे और एक बाथरूम का निर्माण नवदीप की गिरफ़्तारी से पहले चल रहा था। मगर अब रोक दिया गया है। काफ़ी बाधाओं के बावजूद नवदीप का परिवार उसके समर्थन में खड़ा है।


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उन्होंने कहा कि नवदीप का समर्थन करने के लिए वे सभी क्षेत्रों के लोगों का शुक्रगुज़ार हैं एवं उन्होनें अपील किया कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग नवदीप का समर्थन करें।

स्वर्णजीत ने कठोर और अटूट स्वर में कहा कि हमारा पूरा परिवार अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने में विश्वास रखता है और नवदीप ने भी ऐसा ही किया है।

किसानों के समर्थन और श्रमिकों के अधिकारों के लिए खड़ी होने वाली नवदीप

स्वर्णजीत छह बच्चों की मां हैं, उनकी चार बेटियां और दो बेटे हैं। सबसे बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है और उसका एक 7 साल का लड़का भी है। स्वर्णजीत के दो बेटे जयपाल सिंह और रामपाल सिंह हैं।

उनमें से रामपाल ने लगभग 2 वर्ष पहले 12 वीं कक्षा पूरी की थी और उसने अब अपनी पढ़ाई बंद कर दी है। उन्होंने बताया कि रामपाल किसानों के साथ 26 नवंबर को दिल्ली की सीमा पर गए थे और वह एक दिन के लिए भी वापस नहीं आए हैं।

नोडेप कौर

नवदीप पिछले साल ही हरियाणा में काम के लिए गया थी मगर मुझे यह नहीं पता था कि क्या वह श्रमिकों के अधिकारों के लिए खड़े होने और बाद में किसानों के समर्थन के लिए उसे इस तरीके से मुसीबत में पड़ना होगा।

स्वर्णजीत ने बताया कि उनका पूरा परिवार पंजाब खेत मजदूर यूनियन (पीकेएमयू) 2006 का सदस्य है और वे भूमिहीन खेत मज़दूर हैं। जो पहले ज़मींदारों के खेतों में काम करते थे मगर पिछले 3-4 सालों से उनके पति सुखदीप सिंह ने एक मज़दूर के रूप में तेलंगाना जाना शुरू कर दिया है। सुखदीप पूरे लॉकडाउन अवधि के दौरान पंजाब में थे,लगभग एक साल से वे घर पर बेकार बैठे थे।

उन्होंने बताया कि विभिन्न खर्चों को चलाने के लिए लॉकडाउन अवधि के दौरान उनके परिवार ने 70,000 रुपये का ऋण लिया है, जिसे उन लोगों को अभी वापस करना है। गांव के घर में हरवीर कौर और जयपाल सिंह अपनी माँ स्वर्णजीत के साथ रहते हैं। घर में सुखदीप सिंह के बड़े भाई नत्था सिंह भी रहते हैं जो विकलांग हैं।

स्वर्णजीत ने कहा कि पूरा गांव उनका समर्थन कर रहा है। नोडेप के समर्थन में उन्होंने एक विरोध धरना भी आयोजित किया है। स्वर्णजीत कौर ने कहा कि उनके पति को काम के लिए जाना पड़ता था अन्यथा वह अपनी नौकरी खो देते, वो कहती हैं गरीबों के संघर्ष को कौन समझ सकता है, हम तो भोजन पाने के लिए संघर्ष ही करते रहते हैं।


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नवदीप का पूरा परिवार पीकेएमयू का हिस्सा, हम सभी को एकजुट होकर न्याय मांगने की आवश्यकता- पीकेएमयू के महासचिव लछमन सिंह सीवेवाला

इस गुरुवार को एक बहुजन समाज मोर्चा, एक गैर-सरकारी संगठन के सदस्य ने नवदीप के परिवार से मिलकर उन्हें 1 लाख रुपये की मदद की है। दान देने वालों में गायक खुशविंदर बिल्ला, जसविंदर तल्हान, जगनधन घेरा, और कुछ अन्य नाम शामिल हैं। संगठन के एक सदस्य सुखविंदर कोटली ने कहा कि दलित परिवारों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं इसलिए हमें उनकी रक्षा करने की आवश्यकता है।

नोडेप कौर

मामले पर पीकेएमयू के महासचिव लछमन सिंह सीवेवाला जिन्होंने पिछले दिनों नोडेप के समर्थन में मुक्तसर में एक रैली का आयोजन किया था। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार पीकेएमयू का हिस्सा, वे भूमिहीन मज़दूर हैं और इसलिए हम सभी को एकजुट होने की जरूरत है और न्याय की मांग करने की आवश्यकता है।

यह वास्तव में दुखद है कि एक लड़की के ऊपर अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए और किसानों को समर्थन देने के लिए कई गैर-जमानती अपराधों के तहत मामला दर्ज कर दिया जाता है। जिस लड़की का परिवार बेहद गरीब है,माता-पिता दोनों अनपढ़ हैं, जिनकी बेटियां पढ़ाई और अपने अधिकारों के लिए खड़ी होने का सपना देख रही है। मगर इस तरीके से उनकी आवाज़ को दबा देने की कोशिश हो रही है। 

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