बिहार के पश्चिमी चम्पारण के वाल्मीकिनगर में नीतीश ने उठाया आरक्षण का मसला

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आरक्षण को लेकर एक बड़ा बयान

सीएम नीतीश कुमार ने गुरुवार को वाल्मीकिनगर में सभा को संबोधित करते हुए उठाया आरक्षण का मसला,उन्होंने कहा जहां तक संख्या (आबादी) का सवाल है, यह जनगणना से तय होता है और यह निर्णय हमारे हाथ में नहीं है। मगर हम चाहेंगे कि आबादी के अनुसार आरक्षण की व्यवस्था हो।

सीएम नीतीश कुमार (फाइल फोटो-PTI)

जदयू अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा आबादी के हिसाब से आरक्षण का इंतजाम होना चाहिए।  नीतीश ने गुरुवार को वाल्मीकिनगर में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इसमें हमारी कोई दो राय नहीं है। उन्होंने ये बड़ा बयान पश्चिमी चम्पारण के वाल्मीकिनगर में दिया जहां दूसरे दौर में वोटिंग होगी। बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण के बाद महागठबंधन ने दावा किया है कि वो 71 में से 55 सीटें जीत रहा है। अब 3 नवंबर को दूसरे दौर की वोटिंग है, 94 सीटों वाला ये दौर बेहद अहम है।

नीतीश – मेरी पहल पर थारू समाज को मिला अनुसूचित जनजाति का दर्ज़ा

CM Nitish on Champaran visit Inaugurated Eco Park in Valmikinagar

नीतीश कुमार ने बताया कैसे उनकी पहल पर थारूओं को अनुसूचित जनजाति का दर्ज़ा मिला? बोले-मैं वाल्मीकिनगर के लोगों को बुलावे पर आया था। मुझे थारू समाज के लोगों के आग्रह की जानकारी नहीं थी।नीतीश कुमारा ने कहा कि मैं रेल मंत्री था। मेरे पास केंद्रीय अनुसूचित जनजाति विभाग के मंत्री रेलवे के काम के लिए आते थे। मैंने उनसे कहा कि अगर अनुसूचित जनजाति के दायरे को विस्तारित कीजिएगा, तो उसमें थारू को जरूर शामिल कीजिएगा, तभी मैं आपके रेलवे का काम करूंगा। यह काम हो गया।


और पढ़ें :बसपा को लगा राज्यसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका


बिहार चुनाव 2020

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 : नीतीश कुमार ने कहा, जिसकी जितनी जनसंख्या, उसको उतना मिले आरक्षण

जैसा की हमनें देखा बिहार  के सियासी रण में अब आरक्षण का दांव भी आ गया है। सीएम नीतीश कुमार का कहना है कि उनकी हमेशा से यही राय रही है और वो इस पर कायम है कि जातियों को उनकी आबादी के हिसाब से ही आरक्षण मिलना चाहिए।

गौर करने की बात है कि बिहार के रण में पार्टियां वोटों के लिए जी-तोड़ कोशिश कर रही हैं। रोजगार और कानून व्यवस्था से लेकर घोटालों की जमकर चर्चा हो रही है, लेकिन अब बारी आ गई हैं नए सियासी औजारों को आजमाने की और इन सब के बीच आ गया है नीतीश कुमार के आरक्षण का दांव।

 थारू को आरक्षण का फायदा दिलाने  की नीतीश ने किए सालों से कोशिश

परिवारवाद के नायक मात्र रह गए रामविलास' DANIK BHASKAR BIHAR NEWS : RSS FEED POSTS #EDUCRATSWEB

वाल्मीकिनगर में नीतीश कुमार ने कहा कि जातियों को आबादी के हिसाब से आरक्षण मिलना चाहिए। असल में वाल्मीकि नगर में थारू जाति के काफी वोट हैं और ये जाति जनजाति में शुमार करने की मांग उठा रही है। इसी का समर्थन करते हुए नीतीश ने कहा कि जनगणना हम लोगों के हाथ में नहीं है, लेकिन हम चाहेंगे कि जितनी लोगों की आबादी है, उस हिसाब से लोगों को आरक्षण मिले। इसमें हमारी कोई दो राय नहीं है।

सीएम नीतीश कुमार ने ये भी कहा कि थारू को आरक्षण का फायदा दिलाने के लिए वो सालों से कोशिश कर रहे हैं। तब से जब से वो अटल सरकार में रेल मंत्री थे। असल में यहां प्रचार करने के लिए पहुंचे नीतीश के सामने थारू जाति  ने पुरजोर तरीके से आरक्षण का मसला रखा था।बिहार मे पहले दौर का चुनाव हो चुका है। आरक्षण का दांव भी आजमाया जा चुका है, देखना है कि विरोधी इसकी क्या और कैसी काट निकालते हैं।

निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता ज़रूरी है

आपके लिए डेमोक्रेटिक चरखा आपके लिए ऐसी ग्राउंड रिपोर्ट्स पब्लिश करता है जिससे आपको फ़र्क पड़ता है
हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.