रोजगार के मुद्दे पर गरमाई नीतीश सरकार ने लिया बिहार में बड़ा फैसला

बिहार में नीतीश सरकार का बड़ा फैसला

बिहार में नीतीश सरकार का बड़ा फैसला सामने आया है जिसके अनुसार नियमित नियुक्ति वाले पदों पर भर्ती में अगर देरी हो रही है तो ऐसी स्थिति में संविदा के आधार पर बहाली होगी और यह तब तक के लिए ही होगी जब तक नियमित नियुक्ति नहीं हो जाती है। बता दें कि वर्तमान में राज्य में समस्त विभागों में करीबन 11 लाख संविदाकर्मी कार्यरत हैं। उन्होंने कहा राज्य में संविदा पर बहाल कर्मी सरकारी सेवक नहीं माने जाने वाले हैं और एक महीने पूर्व सूचना अथवा एक महीने का मानदेय देकर इनका कॉन्ट्रैक्ट समाप्त भी किया जा सकता है।

नीतीश सरकार का बड़ा फैसला- संविदा पर बहाल कर्मी सरकारी सेवक नहीं, नियुक्ति में मिलेगा वेटेज

नीतीश सरकार स्वीकृत पदों पर ही कॉन्ट्रैक्ट पर बहाली कर पाएगी

जानकारी के मुताबिक़ सरकार अब स्वीकृत पदों पर ही कॉन्ट्रैक्ट पर बहाली कर पाएगी एवं अब संविदाकर्मियों को नियमित नौकरी के लिए वेटेज दिए जाएंगे। नीतीश सरकार के फैसले के अनुसार पदों की नियुक्ति में अगर विलंब हो तो वैसी परिस्थिति में संविदा के आधार पर बहाली होगी। वो भी तबतक के लिए जबतक नियमित नियुक्ति नहीं हो।ग़ौरतलब है कि ये सभी संविदा पर बहाल होने वाले लोग सरकारी कर्मी नहीं माने जाएंगे एवं हर साल संतोषजनक सेवा के लिए 5 अंक वेटेज मिलेंगे और जबकि हर 5 वर्षों में 25 अंक वेटेज दिए जाएंगे। वहीं सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त जानकारी से पता चला कि नई नियमावली के अनुसार पहले से कार्यरत संविदाकर्मियों का इकरारनामा तैयार किया जा चुका है।


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सामान्य प्रशासन विभाग ने लिया है ये फैसला

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खबरों के मुताबिक़ कुछ विभागों में कार्यरत कर्मियों का एक साल के लिए कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है और वहीं अधिकतर विभागों में कर्मियों के सेवा विस्तार पर रोक लगाई गई है। बता दें कि सरकार सूत्रों के अनुसार योजनाओं ,परियोजनाओं, निगमों और सोसाइटी में तत्काल बहाली की जाएगी।और नियमित पदों पर एक वर्ष के लिए संविदाकर्मियों की बहाली होगी। इतना ही नहीं जिन खाली पदों पर स्थायी नियुक्ति नहीं हो रही वहां संविदा पर बहाली की जाएगी। जिसमें आरक्षण रोस्टर का पालन भी किया जाएगा। इसी के साथ बता दें कि यह फैसला सामान्य प्रशासन विभाग  द्वारा लिया गया है।

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