पांच हजार का कर्ज नहीं चुका पाने पर गरीब आदिवासी को बंधुआ मजदूर बनाया और फिर हत्या कर दी 

पांच हजार ना चुका पाने का जुर्म

मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक दिल दहलाने वाली खबर आयी है जिसमें एक गरीब आदिवासी समुदाय के 26 वर्षीय व्यक्ति की सिर्फ पांच हजार ना चुका पाने के जुर्म में दबंगो ने उसे जला कर उसकी हत्या कर दी । 

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गांव के ही राधेश्याम से तीन साल पहले पांच हजार रुपये उधार लिए

मृतक का नाम  विजय सहरिया है और उन्होंने अपने  गांव के ही राधेश्याम से तीन साल पहले पांच हजार रुपये उधार लिए थे। और परिवार के आरोप के मुताबिक इसके बदले लगातार उनके खेत में जबरदस्ती उनसे काम करवाया जा रहा था।  इसके बावजूद राधेश्याम को इस बात से नाराजगी थी कि उसके यहां क़र्ज़ लेने के बावजूद सहरिया दूसरी जगहों पर काम करते थे।


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इसके दर्दनाक घटना के बारे में गुना जिले के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने रविवार को बताया कि उधारी नहीं चुकाने पर उकावद गांव के विजय सहरिया पर बीते छह नवंबर को एक आरोपी ने कथित तौर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी थी, इससे वह बुरी तरह से झुलस गए थे, इसके बाद शनिवार को उपचार के दौरान गुना के जिला अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

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बरहाल एक अख़बार ने अपने रिपोर्ट में दावा किया है कि बमौरी क्षेत्र में सहरिया जाति के कई आदिवासी रहते हैं जो मजदूरी कर अपना भरण-पोषण करते हैं। अगर कोई मजदूर यहां उधार लेता है तो उसे बदले में उसके यहां काम करना पड़ता है।

इस घटना को वहां के पुलिस प्रशासन ने दबाने के भरपूर कोशिश की और मृतक का पोस्टमार्टम जल्दबाजी में करवा कर परिवार पर जल्दी  अंतिम संस्कार करवाने का दबाव भी डाला लेकीन इसमें सफल नहीं हो पाई। मामला का विपक्ष और कई संस्था द्वारा संस्कार लेने के बाद सरकार भी हरकत में आ गई है। 

मुख्यमंत्री ने कहा ‘घटना की पूरी जांच कराई जाएगी तथा दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलेगी’

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘गुना जिले में हुए इस अग्निकांड में सहरिया की मृत्यु अत्यंत वीभत्स एवं दर्दनाक है। मैं उन्हें हृदय से श्रद्धांजलि तथा उनके परिवार को सांत्वना देता हूं और मैं पीड़ित परिवार से मिलने स्वयं सोमवार को उनके गांव जाऊंगा।’

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इस घटना पर कांग्रेस ने सरकार से  इस वीभत्स हत्या की घटना के दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार की हरसंभव आर्थिक मदद के साथ ही  भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक कड़े कदम उठाने की मांग की है।

इसी बीच गुना जिले के कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने कहा कि मृतक के परिजनों को 8.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा प्रशासन मृतक के बच्चों की शिक्षा की भी व्यवस्था करेगा।

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