रेप और हत्या के फर्जी खबर के आरोप में पत्रकारों के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज़

रेप और हत्या की फैलाई फर्जी खबर

यह घटना फतेहपुर उत्तर प्रदेश की है जहां फेक न्यूज फैलाने के आरोप में दो पत्रकारों पर एफ़आईआर दर्ज़  किया गया। एक निजी चैनल के दो पत्रकार ने दो दलित बहनों की रेप-हत्या की झूठी खबर फैलाई है। बता दें कि दोनों पत्रकारों के ख़िलाफ़ दलित बच्चियों के रेप और उनकी हत्या के बारे में सोशल मीडिया पर झूठी खबर फैलाने के  आरोप में एफ़आईआर की गई है।

FIR against journalist in UP: Editors Guild says it will undermine media freedom | India News - Times of India

जानकारी के तौर पर बता दें कि पुलिस अधिकारी ने पोस्टमार्टम  रिपोर्ट का हवाला देते हुए साफ किया कि दोनों नाबालिग लड़कियों की मौत तालाब में डूबने से हुई है।साथ ही बताया कि उनकी आंखों और शरीर के किसी भी हिस्से को कोई नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन पत्रकार ने दलित और अन्य समुदायों के बीच विवाद बढ़ाने के मकसद से फर्जी खबरें फैला रहे थे। रणजीत सिंह ने कहा कि दोनों पत्रकार ट्विटर पर बेबुनियाद खबरें फैला रहे थे।


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दोनों पत्रकारों के इस खबर के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज़

रिपोर्ट्स से हमें पता चला है कि गांव में एक तालाब में दो नाबालिग बहनों के शव मिले थे जिसके बाद परिवार ने रेप और हत्या का आरोप लगाया था। लेकिन पुलिस ने यह बताया था कि लड़कियों की मौत डूबने से हुई है। पर दोनों पत्रकारों ने कहा था कि हत्या के बाद दोनों बच्चियों के हाथ- पैर बंधे हुए मिले और उनके साथ रेप किया गया था।

यही नहीं उन्होंने आगे  कहा था कि लड़कियों की आंखें भी निकाल ली गई थीं और इस खबर के सामने आने के बाद ही दलित और अन्य समुदायों के बीच बहुत दुश्मनी बढ़ रही थी। घटना पर जांच अभी जारी है और ट्विटर पर इस फेक न्यूज को फैलाने के आरोप में उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से इन दोनों पत्रकारों के खिलाफ एफ़आईआर की गई है। जानकारी दे देते हैं कि ये एफ़आईआर धारा सिंह यादव नामक शख्स और एक समाचार चैनल के पत्रकार के खिलाफ दर्ज़ की गई है और जैसा हमने बताया है पहले कि इसकी शिकायत असोथर थाना के प्रभारी रणजीत बहादुर सिंह ने की थी।

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