बिहार में भू-माफिया ने रातों रात सरकारी स्कूल के भवन को किया ध्वस्त

बिहार में भू-माफिया ने रातों रात सरकारी स्कूल के भवन को ध्वस्त किया

बिहार के अररिया में भू माफिया में सरकार और प्रशासन का कोई डर नहीं है इस बात का सबूत है हाल ही में हुई घटना जहां रातों रात उन्होंने पुराने सरकारी स्कूल की बिल्डिंग को ध्वस्त कर दिया। सबसे हैरान करने वाली बात तो यह की यह घटना जिले के किसी दूर दराज गांव में नहीं बल्कि प्रखंड कार्यालय और SDO आवास के ठीक  सामने घटी। इस घटना के बाद  यहां के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

भू-माफिया

स्कूल को भू माफिया ने ध्वस्त कर मलबे में बदल दिया

पूरा मामला फारबिसगंज के राजकीय मध्य विद्यालय कर्बला धता का है। जानकारी के मुताबिक इस जमीन को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा था। इस जमीन पर भवन बना कर लगभग पचास साठ साल पहले  भीम राव परिवार ट्ट्रस्ट ने दान क़िया था और इसमें ही बच्चे पढ़ते थे। बाद में भवन जर्जर होने पर सरकारी फंड से नया स्कूल भवन बनाया गया और उसी में पढ़ाई चल रही हैं। इस पुराने जर्जर भवन में अभी पढ़ाई बंद थी। इसी दौरान लोगो ने इस भवन को स्कूल के नाम करने के लिए आवेदन भी दिया था। इससे पहले ही भू माफिया ने इसे ध्वस्त कर मलबे में बदल दिया।

इस पूरे मामले के बाद वहां के स्थानीय निवासी और मुखिया के विरोध प्रदर्शन के बाद एसडीओ सुरेन्द्र कुमार अलबेला ने पूरे मामले पर संज्ञान क़िया और लोगो को शांत करते हुए कहा कि वह दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर नुकसान की भरपाई करवाएंगे।


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मुखिया ने जिले के रजिस्ट्रार पर उठाए सवाल

भू-माफिया

इस बारे ने अधिक जानकारी देते हुए मुख्य प्रदीप देव ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा दिए गए इस जमीन की रजिस्ट्री भू माफियाओं ने करवा लिया। उन्होंने सवाल किया कि जिले के रजिस्ट्रार ने किस आधार पर इस जमीन की रजिस्ट्री कर दी। उन्होंने साथ ही राज्य के बिहार सरकार से मांग  किया की इस धांधली में शामिल सभी अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए।

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उन्होंने कहा कि किस क़ानून के तहत सरकारी बिल्डिंग को रातों रात ढहा दिया गया। उन्होने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। वहीं इस मामले को गंभीर होता देख प्रशासन भी हरकत में आ गया है। इस पूरे घटना की जांच के लिए जिला पदाधिकारी ने पांच सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया है।

कमेटी गठित होने के बाद जांच करने पहुंचे अररिया एसडीएम अनिल कुमार ठाकुर भी पहुंचे और वहां पहुंच कर स्थानीय लोगो से पूरे मामले के बारे में जानकारी ली। वहीं सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि जब राज्य के भू माफिया ने सरकारी भवन को ध्वस्त करने से पहले एक बार भी नहीं सोचा तो इनके सामने आम लोगों की क्या स्तिथि होगी और इनके इस मनोबल के पीछे किसका हाथ है?   

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