बिहार में हाथरस के मामले को दुबारा दोहराया गया

बिहार में लगातार महिलाओं के साथ बढ़ती बर्बर हिंसा

बिहार के पूर्वी चंपारण ज़िले से एक बेहद ही शर्मनाक घटना सामने आई है। जहां एक बार फिर ‘ हाथरस’ के मामले को दोहराया गया है। जहां दरिंदों ने एक बार फ़िर अपनी दरिदंगी दिखा कर एक 12 साल की नेपाली मूल की बच्ची के साथ पहले सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर उसके शव को जबरदस्ती जला दिया है।

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ग़ौरतलब है कि प्राथमिक जांच एवं एक वायरल ऑडियो से यह संकेत पाए गए हैं कि पूरी घटना को स्थानीय थाने के थानाध्यक्ष की मदद से अंजाम दिया गया है। एसपी नवीनचंद्र झा ने इस मामले पर कहा कि जो ऑडियो वायरल हुआ है उससे यह प्रतीत हो रहा है कि थानाध्यक्ष संजीव कुमार रंजन ने लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता बरती है।जिस कारण से उन्हें निलंबित किया गया है एवं जांच के दौरान साक्ष्य पाए जाने पर थानाध्यक्ष के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज होगी।

चिकित्सक ने किया इलाज करने से मना,लाश को जलाने के लिए सुरेश पर डाला गया दबाव

जानकारी के मुताबिक़ नेपाल के बारबर्दिया नगरपालिका के रहने वाले सुरेश (बदला हुआ नाम),बीते सात साल से मोतिहारी के कुंडवा चैनपुर में मज़दूरी करते हैं और सुरेश के हिसाब से यह घटना 21 जनवरी की है। जिस वक्त सुरेश की पत्नी नेपाल स्थित अपने गांव में गई हुई थीं। जब सुरेश मज़दूरी करने गए थे और उनका बेटा किसी कार्य से बाज़ार गया हुआ था।

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सुरेश ने बताया कि शाम 4 बजे के करीब उनका बेटा बाज़ार से लौटने लगा तो उनके मकान मालिक सियाराम साह ने उसे रोका था। मगर उनका बेटा उनकी बात अनसुनी करके घर पहुंचा तब देखा कि उसकी बहन ज़मीन पर घायल पड़ी है। ये देखकर उसने सुरेश को बुलाया। तब सुरेश ने देखा कि उनकी बेटी ज़मीन पर पड़ी हुई है और उसके गले में लाल निशान है। जिसके बाद वो बेटी के इलाज के लिए उसे स्थानीय चिकित्सक के पास लेकर गया मगर किसी ने भी इलाज नहीं किया। सुरेश ने आगे बताया कि कई लोग वहां इकठ्ठा हो गए और उस पर लाश को जलाने के लिए दबाव बनाने लगे।

नमक और चीनी डलवा कर जलाया लाश को,घटना में कुल 11 अभियुक्त शामिल

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जानकारी के मुताबिक़ देवेन्द्र कुमार साह ने लाश को जल्द जलाने का दबाव बनाते हुए यह धमकी भी दी कि यदि लाश जल्दी नहीं जलाई गई तो सुरेश और उनके बेटे की हत्या कर उन्हे नेपाल में फ़ेंक दिया जायगा। जिसके बाद एक सादे कागज़ पर भी अंगूठा लगवा लिया गया एवं करीबन रात बारह बजे जबरदस्ती पोखर रोड में सड़क के किनारे नमक और चीनी डलवा कर लाश को जलवा दिया गया। एवं सुबह होते ही सुरेश को नेपाल की ओर भगा दिया।

बिहार के इस घटना के 12 दिन बाद एफ़आईआर दर्ज हुई है

दरसअल 21 जनवरी को हुई इस हिंसक घटना की प्राथमिकी 2 फरवरी को दर्ज की गई है एवं कुंडवा चैनपुर में कांड संख्या -21 /21 दिनांक 02.02.2021 भारतीय दंड संहिता की धारा 149/342/450/376(डी,बी),120(बी)/302/201 के तहत इस मामले को दर्ज किया गया है। घटना में कुल 11 लोगों को अभियुक्त बताया गया है और चार अभियुक्तों विनय साह, दीपक कुमार साह, रमेश साह, देवेन्द्र कुमार साह पर सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया गया है एवं वहीं अन्य सात पर जिनमें मकान मालिक सियाराम साह शामिल हैं उनके ऊपर लाश को ज़बरदस्ती जला कर साक्ष्य को मिटाने का आरोप लगाया गया है। घटना में पीड़िता का पोस्टमार्टम नहीं हुआ कारण महत्वूर्ण साक्ष्य लाश जलने से मिट गए थे।

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इस मामले में एफ़आईआर दर्ज होने के बाद 5 फरवरी को एक ऑडियो वायरल हुआ है। जिस ऑडियो में  21 जनवरी को कुंडवा चैनपुर के थानाध्यक्ष संजीव कुमार रंजन और एक अभियुक्त रमेश साह के बीच की वार्तालाप है। जिसमें थानाध्यक्ष संजीव कुमार, अभियुक्त रमेश साह से बोल रहे हैं कि लकड़ी की व्यवस्था कर दो और ये लिखवा लो कि लड़की ठंड से मर गई है।


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बिहार राज्य में महिलाओं के साथ बढ़ती हिंसा बढ़ता ही जा रहा

बिहार राज्य में महिलाओं के साथ बढ़ती बर्बर हिंसा पर लगाम लगने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। अब अगर बीते 4 महीनों को हम देखें तो साल 2020 में वैशाली की एक 20 साल की युवती को छेड़खानी का विरोध करने पर ज़िंदा जला कर मार दिया गया था। कुछ दिनों पहले की बात है मधुबनी की एक मूक बधिर नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसकी दोनों आंखों को फोड़ दिया गया था। इन मामलों के अलावा भी मुज़फ्फरपुर में 12 साल की एक छोटी सी बच्ची को दुष्कर्म करने के बाद जला दिया गया था।

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इन मामले को देखते हुए महिला संगठन ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि थानाध्यक्ष को जल्द गिरफ्तार करना चाहिए एवं बाकी महिलाओं के ख़िलाफ़ बिहार में लगातार बढ़ते मामलों को देख समझना मुश्किल नहीं कि नीतीश सरकार अब यूपी की योगी सरकार के नक्शे क़दम पर चल रही है,जहां पर अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है।

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