गरीब बेटियों को रतलाम पुलिस की सौगात, 100 युवतियों को मिलेगी निशुल्क स्पेशल ट्रेनिंग

लड़कियों के बैच का नाम ‘सुपर गर्ल’

मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में पुलिस विभाग ने गरीब घर की बेटियां को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के अपने उद्देश्य के तहत एक अनोखा कदम उठाया है, जिसमें वहां की 100 बेटियों को पुलिस में भर्ती के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग एकदम निशुल्क होगा। लड़कियों के इस स्पेशल बैच का नाम ‘सुपर गर्ल’ रखा गया है।

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यह लड़कियां आर्थिक रूप से कमजोर तो है लेकिन सभी पढ़ाई में अव्वल है। वही इस संबंध में एसपी गौरव तिवारी कहना है कि महिलाओं का पुलिस विभाग में योगदान बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ऐसे कई प्रयास पहले भी की जा चुके हैं। परंतु विभाग में महिलाएं हमेशा अल्पसंख्यक होती हैं। इनमें अधिकतर महिलाएं लिखित परीक्षा पास करने के बाद शारीरिक परीक्षा में आगे नहीं जा पाती। इसे ही ध्यान में रखते हुए अभियान शुरु किया गया।

मुफ्त दी जाएगी लाखों की ट्रेनिंग

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100 लड़कियों की बैच को रतलाम पुलिस विभाग और महिला बाल विकास विभाग निशुल्क ट्रेनिंग और उन्हें ट्रैक सूट एवं पौष्टिक आहार भी दे रही है। यह दोनों विभाग कोचिंग और ट्रेनिंग में आने वाला सारा खर्च उठाएंगे। यदि यही स्पेशल ट्रेनिंग किसी अन्य प्राइवेट संस्थान द्वारा दी जाती तो इसकी कीमत लाखों में होती हैं।


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आर्थिक रुप से पिछड़ी 100 लड़कियों को मिलेगी ट्रेनिंग

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ट्रेनिंग के लिए चयनित अधिकांश युवतियां कमजोर आर्थिक तबके की है। इन लड़कियों में तो कई ऐसे परिवार से हैं जिनके पास परीक्षा का फॉर्म भरने तक के पैसे नहीं है तथा आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से ही यह आगे की तैयारी नहीं कर पाती। रतलाम जिले के अलग-अलग इलाको में बसे झुग्गी बस्तियों से यह बच्चियां आती है जहां साल भर तो बिजली ही नहीं आती। ऐसे में रतलाम पुलिस विभाग की यह पहल उनके जीवन में रोशनी की किरण लेकर आई है। 

6 बजे आउटडोर ट्रेनिंग और 8 बजे मिलता है पौष्टिक नाश्ता

एसपी तिवारी ने बताया कि सभी युवतियों को 6:00 बजे जहां ट्रेनिंग दी जाती है वही 8:00 बजे उन्हें पौष्टिक नाश्ता प्रदान किया जाता है, जिसके बाद से ही इनकी कोचिंग की कक्षाएं शुरू हो जाती है। कोचिंग के लिए बाहर से शिक्षकों को भी रखा गया है तथा ट्रेनिंग के लिए दो कोच और जिला खेल अधिकारी भी रखे गए हैं।

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बता दें कोरोना की वजह से ट्रेनिंग को पिछले साल स्थगित किया गया था। लेकिन इस साल इसे फिर से शुरु किया गया। अक्सर बच्चों और महिलाओं को सशक्त बनाने और उनको आगे बढ़ाने की बात तो हर कोई करता है लेकिन ज़मीनी स्तर पर यह दिखाई नहीं देता। ऐसे में रतलाम पुलिस का यह पहल महिलाओं को आगे बढ़ने का एक नया रास्ता देगी।

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