उत्तर प्रदेश  में 1 साल में दोगुनी हुई बेरोज़गारी दर, अजय कुमार लल्लू के सवालों को यूपी सरकार ने स्वीकारा

उत्तर प्रदेश  में 1 साल में दोगुनी हुई बेरोज़गारी

उत्तर प्रदेश सरकार हाथरस मामले को लेकर पहले ही सवालों के कटघरे में खड़ी है। वहीं अब उत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी दर से संबंधित चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इन आंकड़ों ने उत्तर प्रदेश सरकार की मुश्किलें बढ़ गई है।

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दरअसल, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बेरोज़गारी से संबंधित आंकड़े रखते हुए यूपी सरकार से सवाल जारी किए। इन सवालों को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्वीकारा है।

उन्होंने यह माना है कि राज्य में बेरोज़गारी दर में वृद्धि हुई है। इस संबंध में सरकार ने पूछे गए सवालों के लिखित जवाब भी दिए हैं।

क्या था पूरा मामला, जाने

यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने विधानसभा में योगी सरकार से सवाल करते हुए बेरोज़गारी दर से संबंधित आंकड़े जारी किए। उन्होंने विधानसभा में श्रम व रोज़गार मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से सवाल किया था जिसका जवाब उनकी तरफ से दिया गया।


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2018 की तुलना में 2019 के बेरोज़गारी हुए दोगुने 

उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्रालय ने रिपोर्ट पेश की यह रिपोर्ट आर्थिक गतिविधियों पर नजर रखने वाली संस्था सेंटर फॉर मॉनिटरिंग ऑफ इकोनॉमिक एक्टिविटी (CMIE) का एक सर्वे था।

Fourteen million unemployed across

इन आंकड़ों के मुताबिक यूपी में 2018 की तुलना में बेरोज़गारी दर लगभग दोगुनी हो चुकी है। आंकड़ों पर गौर करें तो 2018 में उत्तर प्रदेश की बेरोज़गारी दर 5.92 फीसदी थी लेकिन 2019 में यह बेरोज़गारी दर 9.97 फ़ीसदी पहुंच गई।

हैरान करने वाली बात यह है कि यह आंकड़े 2019 के है जब  कोरोनावायरस जैसी कोई समस्या नहीं थी।

कोरोनाकाल में होगा और बुरा हाल: लल्लू

इस संबंध में अजय कुमार लल्लू से बातचीत की गई, जिसमें उन्होंने बताया कि यह आंकड़े खुद यूपी सरकार की सच्चाई को बयां कर रहे हैं। लल्लू ने कहा कि, यह आंकड़े कोरोनाकाल से पहले के हैं। अब कोरोना संकट में इससे भी ज्यादा बुरा हाल हुआ है, यूपी में नए रोज़गार पैदा होने बंद हो गए हैं।

इन आंकड़ों के संबंध में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से उनकी प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई। लेकिन उनके स्टाफ ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वह बात के लिए उपलब्ध नहीं है।

फरवरी 2020 में 34 लाख हुई बेरोज़गारी की संख्या

इससे पहले भी श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उत्तर दिया था, कि राज्य में बेरोजगारों की संख्या 34 लाख के करीब पहुंच गई है।

यह आंकड़े 2018 में पेश किए गए आंकड़ों से 54 फ़ीसदी ज़्यादा है। 2018 में उत्तर प्रदेश में दर्ज बेरोजगारों की संख्या 21.39 लाख थी, यानी कि उत्तर प्रदेश में पिछले 2 साल में 12 लाख से ज्यादा युवाओं ने खुद को बेरोज़गारी के तौर पर रजिस्टर किया। 7 फरवरी 2020 तक के श्रम मंत्रालय की ओर से चलाए जाने वाले ऑनलाइन पोर्टल में करीब 33.93 लाख बेरोज़गारी रजिस्टर हुए थे।

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