लॉकडॉउन के बाद बेरोज़गारी दर छह महीने के उचले स्तर पर

बेरोज़गारी दर छह महीने के उचले स्तर पर

युवा किसी भी देश का भविष्य होते है और देश की युवा पीढ़ी को सही मार्गदर्शन मिल सके। इसलिए हर साल 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती के दिन हम राष्ट्रीय युवा दिवस मनाते है। युवाओं को हमेशा प्रोत्साहित क़िया जाता है कि वह अच्छे से पढ़े ताकि देश और अपना भविष्य किसी अच्छी जगह नौकरी कर के सुधार सके। लेकिन तब क्या हो जब देश में युवा तो काम करने के लिए तैयार रहे लेकिन उन्हें बेरोज़गारी का सामना करना पड़े । बेशक यह स्थिति काफी भयानक हो सकती है और हाल के आंकड़े कुछ यही दशा की ओर इशारा कर रहे है।

बेरोज़गारी

COVID लॉक डॉउन के बाद दिसंबर माह में बेरोजगारी दर में 2.5% की वृद्धि 

दिसंबर 2020 में भारत की बेरोजगारी दर में तेज वृद्धि देखी गई है। इसके पहले यह आंकड़ा 9.1% था। यह जून में COVID-19 लॉकडाउन हटाए जाने के बाद से सबसे अधिक है।

बेरोज़गारी

एक तरफ जहां धीरे धीरे अर्थव्यवस्था पटरी पर वापस आ रही है। लोगों का आवागमन शुरू हो गया है। इन सबके बावजूद यह आंकड़ा सरकार के दावों पर सवाल खड़े करता है। ग़ौरतलब है कि इससे पहले देश में लॉकडाउन में ढील देने के बाद रोज़गार के मोर्चे पर जून के मुकाबले जुलाई 2020 में बेहतर आंकड़े सामने आए थे।  


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नवंबर दिसम्बर के बीच कामगार युवा की संख्या में 6 करोड़ का इज़ाफा

भारत में बेरोजगारी 6.1 प्रतिशत, 45 वर्षों में अधिकतम दर - Maharashtra Today

आंकड़ों के अनुसार देश में पहले 421 करोड़ कामगार युवा थे जो दिसंबर में बढ़ कर 427 करोड़ को गई। और इन नए 6 करोड़ में ज्यादातर युवा बेरोज़गारी है। जानकारों के अनुसार यह आंकड़ा दर्शाता है कि देश में बेरोजगारों कि संख्या लॉक डॉउन के पहले से  38.7 करोड़ ज्यादा हो गई है।

उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पाया कृषि क्षेत्र में विकास

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महामारी फैलने के डर से लगाए गए लॉक डॉउन के बाद जिस तरह से लाखों लोग शहरों से गांव अपने घर की ओर निकले यह किसी से छुपा नहीं है। लेकिन इसके बाद हालात सुधरने के बाद जितने प्रवासी मजदूर अपने घर गांव की ओर लौटे थे वापस नहीं पहुंचे उनमें से अधिकतर लोग अपनी खेती में जुट गए। लेकिन यह बदली हुई कृषि क्षेत्र अतिरिक्त कार्य बल पैदा नहीं कर सका। अर्थव्यवस्था के जानकारों का कहना है कि देश में आर्थिक गतिविधियाँ शुरू हो चुकी है। धीरे-धीरे अनलॉक किया जा रहा है और उसके बाद भी जॉब की स्थिति चिंताजनक होना वास्तव में सरकार के लिए मुश्किल का सबब बन सकती है।

बेरोज़गारी दर लगातार बढ़ना सरकार की नीतियों पर सवाल 

Government jobs are the most secure option in India, say recruitment experts - Education Today News

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन, भारत सरकार और विभिन्न एजेंसियों के ताजा सर्वेक्षण और रिपोर्ट इस ओर इशारा करते हैं कि देश में बेरोज़गारी का दर में मामूली सुधार ही हो रहा है और वह भी अस्थाई तौर पर। भारत जिस युवा शक्ति के दम पर भविष्य की मजबूत इमारत की आस लगाए बैठे हैं उसकी नींव की हालत निराशाजनक है और सरकार की नीतियों की ओर इशारा कर रहा है।

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