यूएनडीपी द्वारा जारी मानव विकास सूचकांक 2020 में भारत को मिला 131वां स्थान 

भारत को मिला 131वां स्थान

हम आपको बता दें कि मानव विकास सूचकांक किसी देश में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन के स्तर को मापता है और इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा जारी मानव विकास सूचकांक  2020 में भारत एक पायदान नीचे है। इस साल भारत को 131वां स्थान मिला है। वहीं बात अगर साल 2019 की करें तो उस साल भारत को 130 वां स्थान दिया गया था।

india ranked 131 in united nations human development index : संयुक्त राष्ट्र के मानव विकास सूचकांक में भारत का 131वें नंबर पर - Navbharat Times

जैसा हमने कहा कि इस सूचकांक को बनाने के लिए किसी देश में औसत आयु, शिक्षा और आय को प्रमुख रुप से आधार माना जाता  है। अगर हम विकास की बात करें तो दुनिया में नार्वें की स्थिति सबसे सही है और इसी कारण से उसे 0.957 अंकों के साथ मानव विकास सूचकांक में पहला स्थान मिला एवं इसके बाद दूसरे स्थान पर आयरलैंड और तीसरे स्थान पर स्विटज़रलैंड ने स्थान प्राप्त किया है। बता दें कि रिपोर्ट में भारत की एचडीआई वैल्यू 0.645 रखा गया है और यह एक के जितनी निकट रहे उतना अच्छा है।

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हम बता दें कि नंबर एक पर नॉर्वे की एचडीआई वैल्यू 0.957 आई है। मगर पड़ोसी देश श्रीलंका और चीन हमसे आगे रहे हैं एवं वहीं देखें तो पाकिस्तान 154वें स्थान पर रहा है। वहीं दूसरी ओर पूर्वी अफ्रीकी देश बुरुंडी को इस इंडेक्स में अंतिम स्थान प्राप्त हुआ इसे 0.433 अंकों के साथ 185 स्थान मिला है और साथ ही अन्य अफ्रीकी देश बुर्किना फासो एवं सियरा लिओन 182 वें और माली 184 वें स्थान पर आए हैं।


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2019 में भारतीयों की जीवन प्रत्याशा 69.7

ग़ौरतलब है कि मानव विकास रिपोर्ट के हिसाब से साल  2019 में भारतीयों की जीवन प्रत्याशा 69.7 साल आईं थी। वहीं बांग्लादेश में यह वर्ष 72.6  एवं पाकिस्तान में 67.3  आई थी। बता दें कि रिपोर्ट के हिसाब से इस सूचकांक में भूटान 129वें स्थान पर,वहीं बांग्लादेश 133वें स्थान पर,एवं नेपाल 142वें स्थान पर रहा है।

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बात अगर यूएनडीपी के रेजिडेंट प्रतिनिधि शोको नोडा की करें तो उन्होंने इस विषय पर कहा कि भारत की रैंकिंग में गिरावट का अर्थ यह  नहीं कि भारत ने अच्छा नहीं किया। असल में इसका अर्थ है कि भारत ने अन्य देशों ने बेहतर किया है। इतना ही नहीं उन्होंने भारत द्वारा कार्बन उत्सर्जन को कम करने के प्रयासों की भी खूब तारीफ़ किया।

हम आपको बता दें कि यूएनडीपी की ओर से मंगलवार को जारी किए गए रिपोर्ट के अनुसार क्रय शक्ति समता यानी (पीपीपी) के अनुसार पर 2018 में भारत की प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय 6,829 अमेरिकी डॉलर थी एवं जो 2019 में गिरकर 6,681 डॉलर हो गई थी।

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