यूपी के भदोही में नियुक्ति शुरू करने को लेकर पिछले दो महीनों से अनशन पर कई सफाईकर्मी 

यूपी में पिछले दो महीनों से अनशन पर कई सफाईकर्मी 

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में पिछले 64 दिनों से सफाईकर्मी नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। इनमे से कई लोग आमरण अनशन पर भी बैठे है लेकिन यूपी की सरकार ने अब तक कोई सुध नहीं ली है।

यूपी सफाईकर्मी

आंदोलनकारियों के अनुसार यहां पिछले बारह साल में कोई नई नियुक्ति नहीं की गई है और कुछ साल पहले चयन प्रक्रिया के बाद गड़बड़ी की बात कह कर नियुक्ति पर रोक लगा दी गई थी।

अनशनकारियों ने पीएम मोदी और यूपी के सीएम आदित्‍यनाथ से मामले में हस्‍तक्षेप की मांग 

यूपी के सफाईकर्मी

इस कड़ाके कि ठंड के बीच आंदोलन कर रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रदेश में एकमात्र भदोही ऐसा जिला है जहां 12 वर्ष बीत गए लेकिन एक भी सफाईकर्मी की नियुक्ति नहीं हुई। वर्ष 2008 में राज्‍य सरकार ने सफाईकर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन भदोही ज़िले में चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के कारण प्रक्रिया रोक दी गई थी। अभ्यर्थियों द्वारा फ़िर इलाहाबाद हाईकोर्ट याचिका दायर की गई। जिसके बाद साल 2014 में शासन ने इस प्रक्रिया को निरस्त कर चयन पर रोक लगा दी थी।


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आंदोलनकारियों का दावा मांग पुरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन और अनशन

यूपी के सफाईकर्मी

आंदोलन का नेतृत्‍व कर रहीं सफाईकर्मी संघर्ष समिति की अध्‍यक्ष दिव्‍या पाठक भी अनशन पर बैठी हैं। उनका कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक उनका आंदोलन चलता रहेगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि अब तक 30 कार्यकर्ता आंदोलन के दौरान बीमार होकर अस्‍पताल जा चुके हैं लेकिन किसी का हौसला टूटा नहीं है।

यूपी में जिलाधिकारी ने कहा कि सफाईकर्मियों की भर्ती पर रोक शासन स्‍तर से ही लगी 

यूपी के सफाईकर्मी

इस बारे ने जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने रविवार को बताया कि जिले में सफाईकर्मियों की कमी है और शासन को पत्र भेजकर निर्देश मांगा गया है। जिलाधिकारी ने कहा वह खुद अनशन स्‍थल पर गए थे और आंदोलनकारियों से अनशन समाप्‍त करने का अनुरोध किया है। प्रसाद ने कहा कि शासन को वर्तमान स्थिति से अवगत कराया गया है और जैसा आदेश मिलेगा उसी अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। सफाईकर्मी संघर्ष समिति का मांग पत्र भी शासन को भेजा गया है।

साल 2008 में प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सफाईकर्मी की भर्ती शुरू हुई

यूपी के सफाईकर्मी

यूपी के जिला पंचायत राज अधिकारी बालेश्वर धर द्विवेदी ने बताया कि साल 2008 में प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सफाईकर्मी की भर्ती शुरू हुई। भदोही जिले के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी दीपिका दुग्गल ने 1,264 पद के लिए आवेदन मांगे थे जिसमें तेरह लाख से ज़्यादा लोगों ने आवेदन कर दिया। उसी बीच चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी करने के आरोप में तत्कालीन जिला पंचायत राज अधिकारी एनके सिंह और आरडी राम को निलंबित कर दिया गया और चयन प्रक्रिया रुक गई। ग़ौरतलब है कि इस मामले को मीडिया पर भी जोर शोर से उठाया जा रहा है लेकिन इस मामले पर अब तक सरकार की ओर से कुछ नहीं कहा गया है। 

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