राजस्थान शिक्षा विभाग को फर्जीवाड़े शिक्षकों का चला पता, होगी सक्त कार्यवाही

 राजस्थान के शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े शिक्षक

 गुरू गोविंद दोऊ खड़े, काके लागू पांय।

बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय।।

गुरु को गोविंद यानि भगवान से भी ऊपर दर्ज़ा देने वाला संत कबीर का यह दोहा तो आपने सुना ही होगा। मगर अब सरकारी स्कूलों में ऐसे गुरु दिख रहे हैं जो गुरु घंटाल हैं। जो गुरु के नाम को तो ख़राब कर ही रहे हैं साथ ही मासूम बच्चों का भविष्य भी बिगाड़ने में जुटे हुए हैं। राजस्थान में हज़ारों ऐसे शिक्षक के बारे में जाना गया है जो झूठ के बल पर प्रोमोशन पर प्रोमोशन लिए जा रहे हैं और सिस्टम ऐसे ही फर्जी  शिक्षकों का शिकार हुए जा रहा है। बता दें कि राजस्थान के छात्रों को भविष्य ख़तरे में है। जबसे राजस्थान के शिक्षा विभाग को यह पता चला है वहां के स्कूलों में फर्जी दल के शिक्षकों का बोलबाला है। 

राजस्थान शिक्षा विभाग


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राजस्थान शिक्षा विभाग

जानकारी के मुताबिक़ जोधपुर के मेमोरेंडम में प्रोमोशन पाने के लिए उन सभी शिक्षकों की लिस्ट है जिन्होंने प्रोमोशन पाने के लिए एडिशनल विषयों में फर्जी डिग्री प्राप्त की है। फर्जी शिक्षकों ने विभिन्न प्रकार के जरियों से डिग्री हासिल की है। जिसके बाद नक़ली सर्टिफ़िकेट के द्वारा इन शिक्षकों ने अध्यापक से वरिष्ठ अध्यापक का सफ़र  तय किया है। अब खोजबीन शुरू होने के बाद  इन शिक्षकों की डिग्री सवालों के घर में है।

राजस्थान शिक्षा

इस मामले पर शिक्षा विभाग ने बताया है कि ऐसे फर्जी शिक्षकों के ऊपर कार्यवाही की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कठोर से कठोर सज़ा दी जाएगी। वहीं जोधपुर में 900 शिक्षकों की लिस्ट बनाई गई है। जिनपर शिक्षा विभाग कार्यवाही करने वाला है। ऐसे मामले जोधपुर के अलावा जैसलमेर, पाली और बाढ़मेर से भी सामने आए हैं। फ़िलहाल तो साल 2015 से 2019 तक प्रोमोशन लेने वाले शिक्षकों की लिस्ट बनाई गई है। जिसपर जांच जारी है।

इन सबको देख ऐसा लग रहा है जैसे एजुकेशन सिस्टम में ख़तरे की घंटी बज रही है। जिस प्रकार से सरकारी स्कूलों में नौकरी के लिए नकली डिग्री दिखा कर अपने फर्जी डिग्री के साथ शिक्षक फायदा उठा रहे हैं। उसे देख यह कहना मुश्किल नहीं है कि ये शिक्षक, शिक्षा व्यवस्था को दीमक की तरह खा रहे हैं। मगर अब सवाल ये भी उठता है कि क्या ये शिक्षक किसी भी बच्चे को पढ़ाने के काबिल हैं या नहीं।

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