देश को आत्मनिर्भर बनाने वाले प्रधानमंत्री राजीव गांधी को सलाम

देशवासियों के लिए 21वीं सदी के आधुनिक भारत के निर्माण की नींव रखने वाले हमारे पूर्व प्रधानमंत्री की गुरुवार यानी आज जयंती है. 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या तमिलनाडु के श्रीपेराम्बदूर में एक आत्मघाती विस्फोट हमले में कर दी गई थी. अपने प्रधानमंत्री के महज 5 साल के कार्यकाल में उन्होंने कई ऐसे कार्य किए, जिनके लिए उन्हें आज भी इज़्ज़त से याद किया जाता है.


और पढ़ें- “अगर मैं विदेशी हूं तो मुझे राजीव लौटा दो, मैं वापस चली जाऊंगी”


भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री भारतरत्न राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था. उन्हें को राजनीति में कोई दिलचस्पी नही थी, वह एक एयरलाइन्स में पायलेट की नौकरी करते थे. 1970 में अपने छोटे भाई संजय गांधी की एक हवाई जहाज़ दुर्घटना में असामायिक मृत्यु के बाद इन्दिरा गांधी को सहयोग देने के लिए सन् 1982 में राजीव गांधी ने राजनीति में प्रवेश कर लिया. उन्होंने अमेठी से लोकसभा का चुनाव जीता और सांसद बने.

देश में डिजिटल क्रांति. कम्प्यूटराइजेशन और टेलीकम्यूनिकेशन क्रांति का श्रेय उन्हें ही जाता है. उन्होंने औरतों को हक़ दिलाने के लिए स्थानीय स्वराज्य संस्थानों में महिलाओं के लिए 33% रिजर्वेशन दिलाने का कार्य किया था. इतना ही नही उनका मानना था कि युवा ही देश का भविष्य है, और उन्होंने मतदाता की उम्र 21 वर्ष से घटा कर 18 वर्ष तक के युवाओं को वोट देने का अधिकार दिलवाया. राजीव गांधी के शासनकाल में ही पंचायती राज का विस्तार हुआ था. अपने जीवन काल मे राजीव गांधी ने कई ऐसे कार्य किये जिससे कि हमारा देश विकसित हुआ.

चुनावों का प्रचार करते हुए 21 मई, 1919 को तमिल आतंकवादी संगठन LTTE के सदस्य प्रभाकरन और नलिनी ने राजीव गांधी की एक बम विस्फ़ोट में हत्या कर दी थी.

राजीव गांधी ने ही अपने कथन द्वारा देशवाशियों को आत्मनिर्भर होने की प्रेरणा दी थी. “भारत एक प्राचीन देश, लेकिन एक युवा राष्ट्र है. मैं जवान हूं और मेरा भी एक सपना है. मेरा सपना है भारत को मजबूत, स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और दुनिया के सभी देशों में से  प्रथम रैंक में लाना और मानव जाति की सेवा करना”. राजीव गांधी एक सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री साबित हुए, उन्होंने हमारे देश के लिए, इस देश के युवा के लिए, इस देश की महिलाओं के लिए जो किया उसके लिए उन्हें नमन करते हुए सभी ही उनका नाम निष्ठापूर्वक लेते है.

राजीव गांधी ने 1984 में अपनी मां और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस का कार्यभार संभाला था. और वह 40 साल की उम्र में भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए थे. अपने प्रधानमंत्री काल में प्रशासन में सरकारी नौकरशाही में सुधार लाने और देश की अर्थव्यवस्था में उदारीकरण के लिए जोरदार प्रयास किया और आज हम जिस आधुनिक भारत में सांस ले रहे हैं और आज जो घर घर में कम्प्यूटर है, हर हाथ में मोबाईल है, आज जिस भारत का लोहा अमेरिका सहित पूरी दुनिया मान रही है और जिस आधुनिक भारत की तरफ विश्व आशाजनक दृष्टि से देख रहा है, वह भारत ओैर भारत का यह वर्तमान स्वरूप राजीव गांधी की ही देन है. बाद में राजीव गांधी जी को उनके इसी दूरदर्शी और देश का पैसा बचाने वाले निर्णयों के लिए 1991 में भारत रत्न से नवाज़ा गया था.

निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता ज़रूरी है

आपके लिए डेमोक्रेटिक चरखा आपके लिए ऐसी ग्राउंड रिपोर्ट्स पब्लिश करता है जिससे आपको फ़र्क पड़ता है
हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.