क्या अब रोजगार मांगने पर नौजवानों पर मुकदमे किये जाएंगे?

रोजगार की मांग और रोजगार का विज्ञापन जारी न करने पर लगाए थे युवा छात्रों ने नारे

24 फरवरी को प्रयागराज में रोजगार की मांग और विरोध प्रदर्शन करने वाले नौजवानों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। सिविल लाइंस थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार जेल भेजे गए तीनों छात्रों में कानपुर देहात के राजेश सचान, नैनी के अनिल सिंह एवं मांडा के अमरेंद्र सिंह हैं।

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इसके अलावा भी पुलिस द्वारा 100 अज्ञात छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच के बाद अन्य आरोपी नौजवानों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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सिविल लाइंस थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक़ 20-25 छात्र 24 फरवरी की दोपहर को रोजगार की मांग और रोजगार का विज्ञापन जारी न करने पर सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। पुलिस ने उन्हें मौके पर पहुंच समझाने की कोशिश की जिसके बाद विरोध कर रहे छात्रों ने फोन कर अन्य छात्रों को वहां बुला लिया और कुछ ही देर में 100 छात्र वहां एकत्र हो गए एवं जबरदस्ती सड़क पर आने की कोशिश करने लगे। जिनमें छात्राएं भी मौजूद थीं।

पुलिस ने इस दौरान कार्रवाई करते हुए तीन छात्रों को गिरफ्तार कर शांति भंग में चालान किया।इन छात्रों पर आरोप ये था कि वे बिना इजाज़त के कोरोना काल में प्रदर्शन कर रहे थे,छात्र-छात्राओं को बरगला रहे थे। पुलिस कार्रवाई का छात्रों ने विरोध जताया था जिसके आधार पर पुलिस ने कुल 103 छात्रों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाना, सड़क पर बलवा करना, आने जाने वाले वाहनों को रोकने जैसे मामलों पर मुकदमा दर्ज किया है।


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यूपी में नौजवानों के रोजगार की दिक्कत को देखते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का ट्विट 

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सरकार से रोजगार मांगने गए 103 छात्रों पर प्रयागराज में केस दर्ज होने के मामले पर कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। प्रियंका गांधी ने रविवार को ट्वीट कर कहा कि कैसी सरकार है ये? जब युवा करते हैं जॉब की बात तो उनको सरकार भेज देती है हवालात। उन्होंने कहा कि युवा अपने हक की बात करेगा और सरकार का धर्म है कि युवाओं की बात करें एवं उनकी बात सुने।

इस मुद्दे को सपा के एमएलसी वासुदेव यादव ने गुरुवार को विधान परिषद में उठाते हुए कहा कि पिछले वर्ष सितंबर में आंदोलन हुआ था तब मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों के लिए विज्ञापन निकालने का आश्वासन दिया था। आज तक विज्ञापन नहीं निकला है। युवाओं ने बुधवार को यही मांग जब दोबारा आंदोलन में उठाई तो पुलिस ने युवा बेरोजगारों के साथ सख्ती करते हुए उन्हें जेल भेज दिया। उन्होंने आगे कहा कि जेल भेजे गए नौजवानों को तत्काल रिहा किया जाना चाहिए।

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