वरिष्ठ पत्रकार ललित सुरजन का हुआ निधन, राज्यपाल एवं सीएम ने जताया शोक

देशबंधु के संपादक ललित सुरजन का 74 वर्ष की उम्र में निधन 

देशबंधु पत्र के संपादक एवं देश के वरिष्ठ पत्रकार ललित सुरजन ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। लंबे अरसे से बीमार रहने के बाद इलाज के दौरान उनका 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह पिछले 8 महीने से बीमार चल रहे थे और लगातार डॉक्टरों के संपर्क में थे। दिल्ली के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था और इलाज के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया। कल रात बुधवार को 8 बसकर 6 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। वरिष्ठ पत्रकार के निधन पर छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोक व्यक्त करने के साथ पत्रकार को राजकीय सम्मान देते हुए विदाई देने का निर्देश दिया है।

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट करके शोक व्यक्त किया

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट करके पत्रकार के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की और देशबंधु के लिए भी शोक जताया है। मुख्यमंत्री ने अंतिम विदाई राजकीय सम्मान के साथ देने के निर्देश भी दिए हैं। सीएम ने ट्वीट में यह भी लिखा कि छत्तीसगढ़ ने अपना एक लाल खो दिया। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार के निधन को छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी क्षति बताया है। बता दें ललित सुरजन लंबे अरसे से बीमार थे।

ललित सुरजन पत्रकार होने के साथ सामाजिक कार्यकर्ता भी थे

वरिष्ठ पत्रकार ललित सुरजन का 74 वर्ष की उम्र में हुआ निधन, सीएम ने जताया  शोक - Media24Media

ललित सुरजन ना सिर्फ एक उम्दा पत्रकार थे बल्कि लेखक‌ और सामाजिक कार्यकर्ता भी थे। उन्होंने अपने काम के जरिए छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश भर के लोगों के दिल में जगह बनाई। उन्हें एक सम्मानजनक पत्रकार के रूप में जाना जाता था। ललित सुरजन ने वर्ष 1961 में जबलपुर से पत्रकार की दुनिया में कदम रखा और इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह लगातार अपनी पत्रकारिता के लिए आगे बढ़ते गए खास तौर पर छत्तीसगढ़ के समाज में वह एक अहम चेहरा थे।

देशबन्धु के प्रधान संपादक ललित सुरजन का निधन | Janprachar

वरिष्ठ पत्रकार होने के साथ-साथ वह समाज के कल्याण के लिए भी काफी काम किया करते थे इसी वजह से उन्हें सामाजिक कार्यकर्ता भी कहा जाता था। इतना ही नहीं उन्हें शिक्षा शास्त्री भी कहा जाता था। यह कहना कहीं से भी गलत नहीं होगा कि ललित सुरजन का चले जाना पत्रकारिता समाज के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है जिसे भरना आसान नहीं होगा।

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