पंजाब में विद्यार्थी किसान आंदोलन में शामिल होने के वजह से नहीं जाएंगे स्कूल

विद्यार्थी किसान आंदोलन में शामिल होने के वजह से नहीं जाएंगे स्कूल

2020 का पूरा साल कोविड-19 के भेंट चढ गया। 2020 के मार्च महीने में सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के वजह से देश के सभी शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए थे। अब जब धीरे-धीरे जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है तो कई राज्यों ने स्कूल खोलने का भी फैसला किया है। पंजाब सरकार ने राज्य के पांचवी से बारहवीं तक के कक्षा को खोलने का फैसला किया है लेकिन किसान आंदोलन में शामिल होने गए कई विद्यार्थी स्कूल नहीं जाएंगे क्योंकि वह सिंधु बॉर्डर पर किसान आंदोलन में प्रदर्शन कर रहे हैं। 

विद्यार्थि किसान आंदोलन

13 वर्षीय जसप्रीत अपनी चाचा के साथ किसान आंदोलन के प्रदर्शन स्थल पहुंचे

किसान आंदोलन हर बीतते दिन के साथ बढ़ता जा रहा है। समाज का कई हिस्सा इस आंदोलन के समर्थन में आगे आया है। आधा पंजाब मानो सड़क पर प्रदर्शन करते नजर आ रहा है। इन्हीं में से एक है 13 वर्षीय जसप्रीत सिंह जो अपने चाचा के साथ बुधवार को प्रदर्शन स्थल पर पहुंचा। वह आठवीं कक्षा का छात्र है और पटियाला जिले के खैरपुर जटा गांव में रहता है।

विद्यार्थि किसान आंदोलन

बातचीत के दौरान जसविंदर ने बताया कि परिवार वालों को उन्हें प्रदर्शन स्थल पर भेजने में कोई परेशानी नहीं थी क्योंकि भले ही विद्यालय खुल रहे हैं लेकिन अभी तक इस संदर्भ में सरकार की ओर से कुछ साफ नहीं कहा गया है। उसने बताया कि स्कूल बस दो-तीन घंटों के लिए खुल रहे हैं और अभी पढ़ाई अच्छे से नहीं हो रही। जसप्रीत कहता है कि जब वह दोबारा अपने गांव चला जाएगा तो विद्यालय‌ जाने लगेगा।


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पंजाब में 5वीं से लेकर 12वीं कक्षा तक के स्कूल खुले

विद्यार्थि किसान आंदोलन

पंजाब सरकार की ओर से जारी किए गए दिशानिर्देशों में राज्य के 5वीं से लेकर 12वीं कक्षा तक के स्कूल खुले। अभिभावकों से बातचीत करने के बाद यह फैसला लिया गया। इससे पहले अक्टूबर में 11वीं एवं 12वीं की कक्षा खोल दी गई थी। फिलहाल कई बच्चे ऐसे हैं जो दिल्ली से सटे बॉर्डर पर किसान आंदोलन में प्रदर्शन कर रहे हैं और इसी वजह से स्कूल नहीं जा रहे। अरविंदर सिंह पंजाब के फतेहपुर जिले से आते हैं और उनकी एक बेटी है जो सातवीं कक्षा की छात्रा है।

उन्होंने बताया कि विद्यालय की तरफ से निर्देश आया है कि 18 जनवरी से स्कूल खुल रहा लेकिन अभी बेटी पिता और बन्नी परिवार वालों के साथ सिंधु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रही है और इसी वजह से स्कूल नहीं जा सकती। परिवार वालों ने भी फिलहाल उसे विद्यालय ना भेज कर प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहने को कहा है। पिता कहते हैं कि पूरा परिवार लगभग 1 महीने से सिंधु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहा है और इसीलिए जब तक आंदोलन जारी रहेगा उनका परिवार कहीं नहीं जाएगा।

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