विश्व आर्थिक मंच

विश्व आर्थिक मंच ने अगले दशक के लिए संक्रामक बीमारियों को सबसे बड़ा खतरा बताया

विश्व आर्थिक मंच ने संक्रामक बीमारियों को सबसे बड़ा खतरा बताया

मंगलवार को विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने 25 जनवरी से 29 जनवरी के दौरान आयोजित हो रहे आभासी सम्मेलन पहले एक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में बताया गया कि, पूरी दुनिया में महामारी से न सिर्फ़ लाखों जानें गईं बल्कि इसकी वजह से असमानता और सामाजिक विघटन भी लगातार बढ़ रहा है।

महामारी से न सिर्फ़ लाखों जानें गईं, बल्कि असमानता और सामाजिक विघटन भी बढ़ रहा: विश्व आर्थिक मंच

दावोस में होने वाली बैठक में सम्मेलन में विभिन्न वैश्विक नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी भाग लेने की उम्मीद है।

महामारी के बाद  स्वास्थ, पर्यावरण आदि के लिए और बढ़ा खतरा

COVID19: a virus with the greatest humanitarian lesson | Voices of Youth

डब्ल्यूईएफ ने अपनी वार्षिक जोखिम रिपोर्ट में अगले दशक पर असर के संदर्भ में संक्रामक बीमारियों को सबसे बड़ा जोखिम बताया। इसके साथ ही कहा कि उसकी वैश्विक जोखिम रिपोर्ट पिछले 12 साल से दुनिया को महामारी के प्रति आगाह कर रही थी। रिपोर्ट में कहा, “हमने दीर्घकालिक जोखिमों को अनदेखा करने का परिणाम 2020 में देखा है” रिपोर्ट में आगे लिखा गया है कि, “कोविड-19 महामारी ने ना केवल लाखों लोगों की जानें ले लीं बल्कि इसने लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य, आर्थिक और डिजिटल विषमताओं को भी बढ़ाया है।”


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गरीब, श्रमिक और वंचित लोगो के लिए और विपरीत हो गई है परिस्थिति

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रिपोर्ट के अनुसार गरीब तबके के लाखों लोग- श्रमिक और छात्र- खासकर अल्पसंख्यक जो महामारी से पहले से ही वंचित थे। अब उनके लिए नई चुनौतियां पैदा हो गई है। वहीं कोवीड महामारी की वजह से पर्यावरणीय गिरावट जैसी दीर्घकालिक चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक वैश्विक सहयोग को और अधिक नुकसान हो सकता है।

विश्व आर्थिक मंच के रिपोर्ट में चीन और भारत के बीच बढ़ते तनाव का भी उल्लेख किया गया 

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रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के सामने आने वाले भू-राजनीतिक जोखिमों के बीच कहा गया है कि यह क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापार को कमजोर कर सकता है और चीन हाल ही में हस्ताक्षरित क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (आरसीईपी) के माध्यम से अपने क्षेत्रीय आर्थिक हितों का विस्तार कर सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दुनिया  को 2020 में महामारी के कारण हो सकने वाली तबाही को देख लेने के बाद दीर्घकालिक ख़तरों के लिए तैयार होने की ज़रूरत है। ग़ौरतलब है कि पहले यह सम्मेलन सिंगापुर में होने वाली थी लेकिन महामारी की वजह से इसमें बदलाव किया गया है।

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