व्हाट्सऐप की नयी प्राइवेसी पॉलिसी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका

व्हाट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी कर रही निजता के अधिकार का उल्लंघन

व्हाट्सऐप की नयी प्राइवेसी पॉलिसी ने लगभग सभी लोगों के निजता के अधिकार को लेकर काफ़ी सारे सवाल खड़े कर दिए हैं। व्हाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी को 8 फरवरी से संपूर्ण रूप से लागू किया जाना है और अब इसी बीच नई प्राइवेसी पॉलिसी के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है। इतना ही नहीं याचिकाकर्ता ने वॉट्सऐप द्वारा लाई गई इस नई प्राइवेसी पॉलिसी को राइट टू प्राइवेसी के खिलाफ कहा है और इसलिए इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग को भी सामने रखा है।

व्हाट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी

व्हाट्सऐप की नयी पॉलिसी को लेकर यूजर्स ने देखें ख़तरे

जानकारी के मुताबिक़ व्हाट्सऐप की नयी डेटा प्राइवेसी पॉलिसी के मामले की सुनवाई जस्टिस प्रतिभा एम सिंह की बेंच द्वारा की जानी तय हुई है और केंद्र सरकार के साथ ही इस याचिका में मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स इनफाॅर्मेशन टेक्नोलॉजी को भी पार्टी बनाया गया है। याचिका में कहा गया कि व्हाट्सऐप की नयी प्राइवेसी पॉलिसी भारत की जनता को मिले हुए निजता के अधिकार का उल्लंघन कर रही है। कारण यूजर का डेटा इस प्रकार से साझा करना पूरी तरह से गैरक़ानूनी कार्य है। दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा गया है कि व्हाट्सऐप अपनी नयी पॉलिसी के ज़रिए किसी भी यूजर की वर्चुअल तौर पर किसी प्रकार के ऑनलाइन गतिविधि को 360 डिग्री में देख सकता है।


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व्हाट्सएप को हो सकता है भारत में काफ़ी नुकसान

व्हाट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी

बता दें कि साल 2021 के शुरू होने के साथ ही व्हाट्सएप द्वारा उनके यूजर्स के लिए इस नई प्राइवेसी पालिसी को लाया गया है। जिसके बाद से ही कंपनी विभिन्न प्रकारों के  विवादों से घिर चुकी है। हालांकि माना जा रहा है कि इस नई पॉलिसी के बाद व्हाट्सएप को भारत में काफ़ी नुकसान भी झेलना हो सकता है।कारण दिन प्रतिदिन व्हाट्सएप के यूजर्स कम हुऐ जा रहे हैं और अब तो व्हाट्सएप की नई प्राइवेट पॉलिसी को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती देने के साथ ही इस पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने की मांग की गई है।

यूजर अभी संपूर्ण तरीक़े से कंपनी की प्राइवेसी पॉलिसी पर निर्भरशील

याचिका में कहा गया कि व्हाट्सऐप अपनी नयी पॉलिसी के ज़रिए लोगों की ऑनलाइन गतिविधियों पर हमेशा नज़र रख सकता है। यह कार्य सरकार की निगरानी के बिना ही किया जाएगा। जिस कारण से व्हाट्सऐप की पॉलिसी पर तत्काल रोक लगा देना चाहिए। साथ ही कोर्ट से यह अनुरोध  किया गया है कि कोर्ट इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय को गाइडलाइंस बनाने का एक निर्देश जल्द ही दें।

व्हाट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी

जिससे व्हाट्सऐप द्वारा यूजर्स का डेटा फेसबुक या किसी भी अन्य कंपनी के साथ शेयर न हो। दरअसल अभी डेटा पर निगरानी रखने के लिए कोई अथॉरिटी नहीं बनी है और ऐसे में यूजर संपूर्ण तरीक़े से कंपनी की प्राइवेसी पॉलिसी पर निर्भरशील है और ऐसे परिस्थिति में डेटा की सुरक्षा सरकार की ज़िम्मेदारी होनी चाहिए।

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