हरियाणा के सोनीपत में करीब आधी रात को पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों के ऊपर किया वाटर कैनन का इस्तेमाल

हरियाणा के सोनीपत में किसानों के ऊपर किया वाटर कैनन का इस्तेमाल

जानकारी के मुताबिक़ हरियाणा के सोनीपत में रात 11 बजे पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी किसानों को हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया है।

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बता दें कि हरियाणा के सोनीपत में करीब 200 पुरुषों के समूह ने सड़क के बीच में नारे लगाने शुरू किए थे। जिसको देख पुलिस टीम ने बैरिकेड्स के पीछे से पानी के तोप और दंगा नियंत्रण के लिए आवश्यक शस्त्रागार का इंतज़ाम किया था।

और करीब आधी रात शीत लहर के बीच  पुलिस ने इन प्रदर्शनकारी किसानों के ऊपर पानी की बौछार को शुरू कर दिया। बता दें कि पुलिस ने किसानों के आगे बढ़ने को मुश्किल करने के लिए सड़क को भी खोद दिया था।


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करीब तीन महीने से पंजाब और हरियाणा में किसान कानूनों का विरोध कर रहे

बता देते हैं कि केंद्र सरकार ने किसानी से जुड़े तीन नये कानून को सामने लाए हैं और किसानों का मानना है कि इन कानूनों से खेती बर्बाद होगी एवं वे चाहते हैं कि सरकार उनके परेशानियों को लेकर उन्हें सुने और इसका समाधान करने में मदद करें।

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और इसी वजह से 26 नवंबर को सरकार द्वारा लाए गए इन कानूनों के विरोध में हजारों किसानों ने दिल्ली के लिए मार्च किया है। जिनपर पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल भी किया है। और यही नहीं दिल्ली आने वाली सभी रास्तों  को इन प्रदर्शनकारी किसानों के लिए सील भी कर दिया गया हैं।

किसानों के अनुसार इन कानूनों से उनकी आजीविका को ख़तरा

हालांकि प्रदर्शनकारी किसानों ने हरियाणा के भाजपा सरकार द्वारा सील की गई सीमा को पुलिस के कठोर प्रतिरोध के बीच भी तोड़ कर राज्य में घुसने में कामयाबी हासिल की है। किसान तीनों कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ हैं

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उनके अनुसार यह कानून उनकी आजीविका के लिए ख़तरा साबित होगा। इसलिए प्रदर्शनकारी किसान लगभग तीन महीने से पंजाब और हरियाणा में सरकार द्वारा लाए गए इन किसान कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

वहीं केंद्र ने इन कानूनों के बारे में कहा है कि किसानों को बिचौलियों के चंगुल से आजाद करके और देश में कहीं भी उपज बेचने की अनुमति देकर कृषि क्षेत्र में सुधार की शुरुआत करने की चेष्टा है।

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