हाथरस हत्याकांड मामले से जुड़े साक्ष्य फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में भेजा गया

हाथरस दुष्कर्म और हत्याकांड मामला

हाथरस की सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड मामले  में उत्तर प्रदेश सरकार पर दुष्कर्म की बात छुपाने और दुष्कर्मियों को बचाने के आरोपों को लेकर देश-प्रदेश में हो रहे विराेध प्रदर्शन के आख़िरकार ग्यारह दिनों के बाद इस घटना से जुड़े साक्ष्य फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL), आगरा भेजा गया। इस मामले में कई आरोपों के बाद  फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट काफी अहम हो गयी हैं। 

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फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के अनुसार 

आगरा के फॉरेंसिक लैब में कुल तेरह  सैंपल भेजे गए जिसमें पीड़िता के  कपड़े, नाखून के टुकड़े, बाल, वेजिना और अनल के स्वाब मौजूद है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के मुताबिक इस पूरे जांच उन्हें 13 सैंपल भेजे गए है।

जिसमें दुष्कर्म पीड़िता के ब्लड सैंपल आदि के साथ उसके कपड़े भी मौजूद है। रिपोर्ट के मुताबिक , पीड़िता के शरीर में किसी  लड़के का ख़ून पाया गया हैं। लेकिन किसी प्रकार का सीमेन या स्पर्म पूरे  सैंपल में नहीं मिला है।


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हाथरस के चंदपा थाना क्षेत्र की घटना 

बताते चलें कि यह पूरा मामला हाथरस के चंदपा थाना क्षेत्र का है जहां 14 सितंबर को खेत पर गयी पीड़़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद बेरहमी से उसकी हत्या करने कि कोशिश करी  गई थीं।

इस दौरान पीड़िता का विरोध करने पर उसका जीभ और रीढ़ की हड्डी तक तोड़ दी गई थी। फिर उसे मरा हुआ समझ कर आरोपी उसे वहीं छोड़ गए थे। पीड़िता को गंभीर हालत में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।

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उसके भाई ने आरोपित संदीप के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। पीड़िता से सामूहिक दुष्कर्म की जानकारी पर सीओ ने 22 सितंबर को उसके बयान दर्ज किए।

उसने संदीप और उसके तीन साथियों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की बात कही थी। बाद में लेकिन बाद में पीड़िता ने अस्पताल में ही अपनी ज़िंदगी से हार गई थी।

अब आगे देखना है कि पीड़िता का आखिरी बयान को सच मान कर उसे न्याय मिलता है,  या फिर सीमेन नहीं मिलने पर आरोपियों को छोड़ दिया जाता है।

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