पैदल कॉलेज जाती थी लड़कियां, डॉक्टर ने अपनी जमा पूंजी से 19 लाख में खरीदी बस

राजस्थान: डॉक्टर ने अपनी जमा पूंजी से 19 लाख में खरीदी बस

भारत भले ही एक विकासशील देश है और यह अब काफी आगे बढ़ चुका है। लेकिन अभी भी देश में से कई गांव और कस्बे हैं जहां परिवहन पानी तथा बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।

ऐसे ही एक कस्बे में से राजस्थान का कोटपुतली गांव एक है जहां यातायात की सुविधा ना होने की वजह से कॉलेज तथा स्कूल की लड़कियों को पैदल कई मीलों का सफर तय करना पड़ता था। लेकिन इन बच्चियों के लिए डॉक्टर आर. पी. यादव एक मसीहा बनकर आए और 19 लाख रुपए की एक बस खरीद दी।

लड़कियों की परेशानी सुन खरीदी 19 लाख रुपए की बस

मिसाल: लड़कियों के सुरक्षित सफर के लिए राजस्थान के दंपती की अनोखी पहल - couple from rajasthan starts free bus service for female students from their pf fund | Navbharat Times

देश में महिलाओं की सुरक्षा तथा उनकी स्थिति अभी भी चिंताजनक है। ऐसे में आए दिन कई तरह की घटनाएं महिलाओं के साथ घटित होती रहती है लेकिन अखबार की सुर्खियों में कुछ दिन तक बने रहने के बाद यह खबरें भुला दी जाती हैं। लेकिन अभी भी समाज में ऐसे कई लोग हैं जो उनकी मदद के लिए आगे आते हैं इन्हीं में से एक डॉ. आर.पी यादव है जिन्होंने लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।

राजस्थान के कोटपुतली कस्बे के निवासी डॉ. आर.पी यादव 61 वर्षीय हैं। साल 2016 में अपनी पत्नी के साथ कार में कहीं जा रहे थे वहीं उन्हें रास्ते में 5 बच्चियां मिली जो कॉलेज जा रही थी। डॉक्टर ने उन्हें लिफ्ट दी तथा लड़कियों ने उन्हें बताया कि रास्ते में पब्लिक ट्रांसपोर्ट ना होने की वजह से उन्हें छेड़छाड़ का सामना करना पड़ता है।

यह सब को जानकर आहत हुए डॉक्टर आर.पी ने अपनी पत्नी से चर्चा की तथा अपने जीवन की जमा पूंजी के 19 लाख रुपए के प्रोविडेंट फण्ड से एक 52 सीटर बस खरीद दी।


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IAS ऑफिसर अवनीश शरण के ट्वीट के बाद वायरल हुए डॉक्टर

Rajasthan Doctor RP Yadav Used His Rs 19 Lakh PF To Provide A Bus Service For College Girls - गांव से पैदल स्कूल-कॉलेज जाती थी लड़कियां, डॉक्टर ने PF से निकाले 19

दरअसल 11 मार्च को आईएएस ऑफिसर अवनीश शरण ने डॉ. आर पी यादव की तारीफ करते हुए एक ट्वीट किया तथा उसमें उनके द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख किया। आईएएस ऑफिसर का यह ट्वीट जमकर वायरल हो रहा है। इसे 13 हज़ार लोगों ने पसंद किया है वही इस से ढाई लाख से ज्यादा रीट्वीट मिल चुके है। यह मामला 2016 का था लेकिन मीडिया की सुर्खियों में इसे 2017 को शामिल किया गया था। आईएएस ऑफिसर के ट्वीट के बाद यह दोबारा सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

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