बिहार में कोरोना का कहर जारी, पटना वुहान बनने की कगार पर

बिहार में कोरोनावायरस काफ़ी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. सोमवार को आये रिपोर्ट के मुताबिक़ बिहार में कोरोनावायरस के मामले 80 हज़ार से भी ज़्यादा हो चुके हैं. अभी तक कुल मरीज़ों की संख्या 82,741 हो चुकी है. बिहार में सोमवार को 3,021 नए कोरोना केसेज़ सामने आये हैं. 24 घंटों के अन्दर 21 कोरोना मरीज़ों की मौत भी हो चुकी है.

पिछले 24 घंटों के दौरान 2,824 संक्रमित स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं. राज्य में अब तक 54,139 संक्रमित स्वस्थ हो चुके हैं. बिहार राज्य में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों का रिकवरी रेट 65़ 43 प्रतिशत है.


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पिछले 24 घंटे के दौरान 75,346 नमूनों की जांच हुई है, इस तरह राज्य में अब तक कुल 10,97,252 नमूनों की जांच हो चुकी है. राज्य में अब तक कुल 450 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है. पटना जिला अभी भी संक्रमितों के मामले में पहले स्थान पर बना हुआ है. पटना जिले में सोमवार को 402 मामले सामने आए हैं, जबकि बेगूसराय में 171, बक्सर में 169, पूर्वी चंपारण में 141, मुजफ्फरपुर में 114, समस्तीपुर में 116, सारण में 113, वैशाली में 149 और पश्चिमी चंपारण में 108 नए संक्रमित मिले हैं. पटना में अब तक कुल 13,892 संक्रमितों की पहचान हो चुकी है.

टेस्टिंग के मामलों में जो कमी है उसका ख़ामियाज़ा साफ़ तौर पर से जनता को भुगतना पड़ रहा है. नीतीश कुमार की चुप्पी इस बात की ओर साफ़ इशारा करती है कि सरकार अभी भी कोरोनावायरस जैसी महामारी के खिलाफ कोई ठोस रणनीति बनाने में विफल रही है. स्वास्थ्य व्यवस्था जिस तरीके से बिहार में चरमराई है उसको लेकर विपक्ष ने सरकार पर काफी तंज़ किया है.

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने एक बयान में कहा कि लालू यादव, जो नीतीश कुमार से पहले मुख्यमंत्री थे, उन्होंने अस्पताल क्यों नहीं बनाएं.

नीतीश कुमार पिछले 15 साल से लगातार बिहार के मुख्यमंत्री हैं और मंगल पांडे स्वास्थ्य मंत्री. नीतीश कुमार की छवि सुशासन बाबू की रही है, लेकिन कोरोना वायरस के आने के बाद जिस तरीके से बिहार का हेल्थ सिस्टम फेल हुआ है, लोगों का विश्वास नीतीश कुमार से काफ़ी ज़्यादा उठने लगा है.

बिहार में अभी सरकार का फोकस कोरोनावायरस से ज़्यादा इलेक्शन करवाने पर है. ऐसे में यह देखना है कि क्या नीतीश कुमार कोरोनावायरस से लड़ने के लिए कोई उपाय खोजेंगे या फिर चुनाव करवाने पर ही अपना ध्यान देंगे.

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