मज़दूर पलायन को मजबूर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर फूटा मज़दूरों का गुस्सा

लॉकडाउन में मज़दूरों का क्या हाल हुआ ये बात तो किसी से भी छुपी नही है। लोग किसी भी तरह अपने कर्मभूमि से जन्मभूमि में आने के लिए सब कुछ कर रहे थे। कोई पैदल पूरा रास्ता नाप रहा था, तो कोई मुंह मांगी कीमत देने को तैयार था। और अब भी मज़दूरो का पलायन थमने का नाम नही ले रहा, हां फर्क इतना है कि अब मज़दूर वापस अपनी कर्मभूमि में जाने को विवश हो रहे हैं। रोज़ मज़दूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले मज़दूरों के परिवार के समक्ष भूखमरी की स्थिति बनने लगी है।


और पढ़ें- जो मज़दूर पैदल बिहार वापस आये थे अब वापस बिहार से बाहर जा रहे हैं


क्षेत्र में पहले कोरोना और फिर बाढ़ ने लोगों के सामने रोज़ी-रोटी की समस्या उत्पन्न कर दी है। जिससे लोगों को जीवन यापन में परेशानी होने लगी है। और विडंबना देखिये जहां इन मज़दूरो को घर वापसी ने खून के आंसू रुला दिए, वहीं अब ज़रूरत मंद कंपनी के द्वारा पैसों का प्रलोभन देकर लग्जरी बस भेजकर मज़दूरों को बुलाया जा रहा है पर साथ ही काम खत्म होने पर पुन: वापस चले जाने को कह दिया जाता है।

देखिये अनुप्रिया और नाज़िश की रिपोर्ट

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