सुशांत सिंह राजपूत, मीडिया के इस नंगे युग में न्यूज़ का घटिया चेहरा जो आपको ज़हरीला बना रह है

मशहूर एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत 14 जून को हुई थी। उनका शव उनके बांद्रा फ्लैट में मिला था। मुंबई पुलिस ने बताया था कि डिप्रेशन के कारण उन्होंने सुसाइड कर ली लेकिन उनके घरवाले इस बात से संतुष्ट नहीं थे जिससे उन्होंने इस केस को सीबीआई तक पहुंचाने की बात की थी। 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने दिवंगत अभिनेता सुशांत का केस सीबीआई के हाथों में थमा दिया।


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14 जून से लेकर अब तक भारत में कई बातें हुई लेकिन शायद मीडिया को कोई न्यूज़ नहीं दिखी। भारत की जीडीपी गिर गई, बिहार और असम में बाढ़ से हज़ारों लोगों के घर उजड़ गए, बिहार में बिजली गिरने के कारण ना जाने कितने लोगों की मौत हो गई। लेकिन मीडिया को इनसे अब फ़र्क नहीं पड़ता है और अब केवल सुशांत के ही केस को तवज्जो मिल गई हैं। जैसे अब कुछ कोई खबर बचा ही नहीं है। आजकल लोग न्यूज़ ही नहीं देखना चाहते, क्योंकि वह जानते हैं कि अगर वे टीवी खोल कर न्यूज़ चैनल देखेंगे तो केवल डिबेट और सुशांत की खबर ही आएगी।


अब मीडिया सीबीआई बनने की कोशिश कर रही है और सुशांत के केस को खुद ही सॉल्व करने की कोशिश कर रही है। आपको बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती को सीबीआई ने कई बार पूछताछ के लिए बुलाया है तो अब मीडिया रिया चक्रवर्ती के ही पीछे पड़ गई है। आपको बता दें कि न्यूज़ चैनल ने तो रिया के घर के पास जा कर यह तक दिखाया है कि वह कौन से टीवी चैनल देख रही है। किसी दिन रिया के घर पर पिज़्ज़ा मंगाया गया तो मीडिया डिलीवरी ब्वॉय कहीं पीछे पड़ गई और उनसे सवाल करने लगी।

क्या मीडिया में कोई शर्म नहीं रह गई है?

बता दें जिस दिन सुशांत की मौत हुई थी। उस दिन मीडिया ने अपनी हेड लाइन में लिखा “सुशांत हुए हिट विकेट” और सुशांत के पिता से सवाल पूछ रहे थे।

मीडिया वाले क्या सिर्फ इतनी बात नहीं समझ पा रहे हैं कि किसी ने अपना जवान बेटा खोया और आप उनसे सवाल पूछ रहे हैं। क्या आपके अंदर बिल्कुल इंसानियत नहीं रह गई। क्या केवल टीवी चैनल की टीआरपी के लिए आप किसी के भी दिल को दुखा सकते हैं। क्या किसी को कुछ भी कह सकते हैं?


आपको बता दें कि सीबीआई रिया और उसके भाई को अब ड्रग एंगल से जोड़कर देख रही है। लेकिन अब तक मीडिया ने रिया को दोषी करार तक कर दिया है। रिया का इंटरव्यू करवाया जा रहा है। यहां तक यह मीडिया ने बता दिया है कि सुशांत की मौत में दाऊद का भी हाथ था। हो सकता है कि अगर सुशांत का केस सीबीआई को ना दिया गया होता और मीडिया वालों को दे दिया गया होता तो यह गुत्थी सुलझ भी चुकी होती और दोषी को सजा भी मिल चुकी हो।


ऐसा लगता है मीडिया का काम रिपोर्टिंग करना नहीं रह गया है और केवल सुशांत के केस की खबर देनी रह गई। मीडिया ने रिया की 2017 की व्हाट्सएप चैट को दिखाकर बताया है कि उन्होंने एमडी ड्रग्स की मांग करी थी।
मीडिया क्या केवल एक दो मुद्दों पर ही काम कर रही है| और क्या केवल उन्हें टीआरपी ही चाहिए| या तो उन्हें लोगों के बीच सांप्रदायिकता फैलाने की आदत हो गई है या वे सुशांत के केस को लेकर ही न्यूज़ बना रहे हैं। क्या और कोई न्यूज़ इस भारत में नहीं बची है।
सके भाई को अब ड्रग एंगल से जोड़कर देख रही है। लेकिन अब तक मीडिया ने रिया को दोषी करार तक कर दिया है। रिया का इंटरव्यू करवाया जा रहा है। यहां तक यह मीडिया ने बता दिया है कि सुशांत की मौत में दाऊद का भी हाथ था।

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sneha singh

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