अगर आत्मनिर्भर भारत का उदाहरण देखना हो तो यूपी जाइए जहां महिलायें सड़क पर प्रसव को मजबूर हैं

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल व्यवस्था को लेकर एक शर्मनाक खबर सामने आई है जहां एक गर्भवती महिला को रास्ते पर ही एक बच्चे को जन्म देना पड़ा।


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दरअसल यह घटना हमीरपुर की है जहां अस्पताल जाते वक्त छिबौली और महरौल के बीच ही सड़क पर गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म दिया। महिला का नाम विनीता और उसके पति का नाम कैलाश बताया जा रहा है। दोनों बंदवा के रहने वाले हैं।

बताया जा रहा है एक राहगीर जिसका नाम योगेंद्र यादव है, उसने उनकी मदद करने की कोशिश की। उन्होंने 102 एंबुलेंस सेवा पर कॉल कर पूरी घटना की जानकारी दी। लेकिन फिर भी मदद के लिए एंबुलेंस नहीं पहुंची और मदद भेजने के बजाय उनसे कई तरह के सवाल पूछे जा रहे थे कि महिला का क्या नाम है, पति का क्या नाम है और कितने बच्चे हैं, वगैरा-वगैरा।

इस घटना में सीएमओ राजकुमार ने सफाई दी है। सीएमओ राजकुमार का कहना है कि एंबुलेंस के लिए ही देर से फोन किया गया था जिससे महिला को सड़क पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा बल्कि परिजनों ने बताया है कि बार-बार कॉल करने पर भी एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची और जब गर्भवती महिला के लिए एंबुलेंस नहीं मिली तो उसने सड़क पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा।

इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकार की पोल खोलकर रख दी है। इस घटना को लेकर योगी सरकार की कड़ी शब्दों में निंदा की जा रही है। पत्रकार हेमंत तिवारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए लिखते हैं, ‘अमानवीय… शर्मनाक ! शर्म  मगर नहीं आती ! एम्बुलेंस नहीं आई बीच सड़क पर प्रसव ! योगी आदित्यनाथ जी देखिए, क्या हो रहा है।’

रोहिणी सिंह ने भी इस घटना की कड़ी निंदा करी है। रोहिणी सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा है, “बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार की हकीकत, हमीरपुर में बिना एंबुलेंस के महिला ने दिया सड़क पर बच्चे को जन्म। अब भारत ‘आत्मनिर्भर’ बन चुका है। सरकार को उसकी और उसे सरकार की कोई जरूरत नहीं।”

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sneha singh

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