UAPA के तहत 2 साल में 3900 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए: केंद्र सरकार

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी.किशन रेड्डी ने बुधवार को बताया कि साल 2016 से 2018 के बीच आतंकवाद-निरोधक कानून UAPA (विधिविरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम) के तहत कुल 3005 मामले दर्ज किए गए जबकि इसी अवधि में इस कानून के तहत 3974 लोगों को गिरफ्तार किया गया।


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राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) एक केंद्रीय एजेंसी है, जो राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों द्वारा सूचित किए गए अपराध संबंधी आंकड़ों को संकलित करता है और इसे अपने वार्षिक प्रकाशन ‘भारत में अपराध’ में प्रकाशित करता है।

जी.किशन रेड्डी ने कहा, ‘नवीनतम प्रकाशित रिपोर्ट साल 2018 की है. रिपोर्ट के अनुसार, साल 2016, 2017 और 2018 के दौरान आतंक-रोधी कानून अर्थात विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) के तहत क्रमशः कुल 922, 901 और 1182 मामले दर्ज किए गए थे और कुल 999, 1554 और 1421 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था।’

मंत्री ने बताया कि एनसीआरबी से प्राप्त सूचना के अनुसार, साल 2016, 2017 और 2018 के दौरान देश में यूएपीए के तहत दर्ज मामलों की कुल संख्या क्रमशः 232, 272 और 317 है, जिनमें सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से चार्जशीट दायर किए गए हैं।

क्या है UAPA?

हाल ही में पूर्व छात्र नेता उमर ख़ालिद (Youth Leader) को उस कानून के तहत गिरफ्तार किया गया, जो केंद्र और उसकी जांच एजेंसी (National Investigation Agency) को बेपनाह ताकत देता है और इस कानून के बारे में विशेषज्ञों ने कहा था कि ये कुछ संवैधानिक अधिकारों (Constitutional Rights) का उल्लंघन करता है।

दिल्ली दंगों (Delhi Riots) के सिलसिले में साज़िश रचने के आरोप लगाकर जेएनयू (JNU) के पूर्व छात्र नेता उमर ख़ालिद (Umar Khalid) की गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल ने गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत की। इसी कानून के तहत पहले भी कई मशहूर और सामाजिक ​हस्तियों (Social Activists) को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक साल पहले जब यह कानून संसद (Parliament) में पास हो रहा था, तब भी इस पर काफी हो हल्ला हुआ था और कहा गया था कि इससे संवैधानिक अधिकारों का हनन होता है।

कुछ दलों के समर्थन और कुछ के विरोध के बीच केंद्र की भाजपानीत एनडीए सरकार (NDA Government) ने इस कानून को पास करवा लिया था, लेकिन तबसे ही यह कानून इसलिए चर्चा में रहा है कि ये सरकार और जांच एजेंसियों को असीमित शक्तियां देता है और इसके दुरुपयोग की आशंका बनी रहती है।


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स्पेशल सेल में है मामला दर्ज

जेएनयू के पूर्व छात्र उमर ख़ालिद के खिलाफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में दिल्ली दंगों की साजिश रचने का मामला दर्ज है। एफआईआर में उमर को नामजद किया गया था। बाद में स्पेशल सेल ने उमर के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि अधिनियम (यूएपीए) की धाराएं भी लगा दी थीं। स्पेशल सेल ने उमर ख़ालिद से एक अगस्त को भी पूछताछ की थी। स्पेशल सेल ने जांच के लिए उमर ख़ालिद का फोन जमा कर लिया था।

क्या था चार्जशीट में

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली दंगो के 15 आरोपियों के खिलाफ बुधवार को UAPA, IPC और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत कड़कड़डूमा कोर्ट में 17 हज़ार पन्नो की एक और चार्जशीट दायर कर दी है। दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में खुलासा किया है कि दिल्ली दंगो को भड़काने में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बने व्हाट्सएप्प ग्रुप का इस्तेमाल किया गया था। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि इस बात के लिए उन्हें सुबूत भी मिले है। जिसमे व्हाट्सएप्प चैट और कॉल रिकॉर्डिंग शामिल है। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि यह सप्लीमेंट्री चार्जशीट है, और पुलिस की जांच अभी भी जारी है।

UAPA के तहत गिरफ्तार हुई हस्तियां

उमर ख़ालिद से पहले कई एक्टिविस्टों और सामाजिक हस्तियों को इस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है. साल 2007 में नक्सली गतिविधि का आरोप लगाकर मशहूर डॉक्टर और मानव अधिकार कार्यकर्ता बिनायक सेन, 2018 में दलित अधिकार के लिए काम करने वाले सुधीर धवाले, आदिवासियों के लिए काम करने वाले महेश राउत, मशहूर कवि वरवर राव को गिरफ्तार किया जा चुका है।

 

येचुरी, योगेंद्र यादव और जयति घोष मामले में दिल्ली पुलिस की सफाई

वहीं दिल्ली दंगों के मामले में फाइल किए गए पूरक आरोप पत्र को लेकर दिल्ली पुलिस ने रविवार को सफाई दी। दिल्ली पुलिस ने कहा, यह स्पष्ट किया जाता है कि सीताराम येचुरी, योगेंद्र यादव और जयति घोष को हमारे द्वारा दायर पूरक आरोप पत्र (दिल्ली हिंसा मामले के) में अभियुक्त नहीं बनाया गया है।
दिल्ली पुलिस ने कहा, एक व्यक्ति को केवल खुलासा (डिस्क्लोजर) किए गए बयान के आधार पर अभियुक्त नहीं बनाया जाता है। केवल पर्याप्त पुष्टि योग्य सबूतों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाती है।

 

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Kritika Gupta

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