देश में पहली बार ट्रांसजेंडर  पीठासीन अधिकारी नियुक्त,फ़ैसले से पूरे देश के ट्रांसजेंडर समाज में खुशी की लहर

देश की पहली ट्रांसजेंडर  पीठासीन अधिकारी नियुक्त

“देश में पहली बार ऐसा मौका आया है जब एक ट्रांसजेंडर को बिहार इलेक्शन में पीठासीन अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया गया। इस फैसले से बिहार समेत पूरे देश के ट्रांसजेंडर समाज में खुशी की लहर है । इस फैसले पर इलेक्शन कमिशन की हुई काफी सराहना हो रही है”।

देश में पहली बार ये ट्रांसजेंडर बनेगी पीठासीन अधिकारी, बिहार चुनाव में संभालेंगी बड़ी जिम्मेदारी - News Akhada

बिहार इलेक्शन की तैयारियां जोरों शोरों पर है और इलेक्शन कमीशन पहले से ही तैयारियों को लेकर काफी गंभीर नजर आ रहे है। आए दिन बिहार इलेक्शन से जुड़ी खबरें हेडलाइंस बन रही हैं। 

इसी बीच नया मामला सामने आया है बिहार की पटना निवासी और ट्रांसजेंडर मोनिका दास को बिहार इलेक्शन में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है । 


और पढ़ें:हाथरस केस: आरोपियों के बचाव में पूर्व BJP विधायक ने की बैठक,सीबीआई और नारको टेस्ट के फैसले का किया स्वागत


मोनिका दास पीठासीन अधिकारी नियुक्त

मोनिका दास बतौर पीठासीन अधिकारी नियुक्त हुई हैं। चुनाव आयोग के इस कदम के लिए देशभर में काफी प्रशंसा भी हो रही है।

पटना की रहने वाली मोनिका दास पेशे से केनरा बैंक में काम करती हैं और अब देश की पहली ट्रांसजेंडर बनेंगी जिन्हें पीठासीन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। 

ऐतिहासिक पल! बिहार ट्रान्सजेंडर मोनिका दास को बनाया गया चुनाव पीठासीन पदाधिकारी| First Transgender Election Presiding Officer

आपको बता दें कि पीठासीन अधिकारी की भूमिका उनके कार्यरत पोलिंग बूथ के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है।

 उनकी मुख्य जिम्मेदारी एक पोलिंग बूथ को संभालना और दिशा निर्देश का पालन करवाना होता है । 

वोटिंग मशीन से लेकर तमाम उपकरण जो चुनाव आयोग द्वारा दी जाती है उसका सही तौर पर उपयोग करना पीठासीन अधिकारी की कार्यशैली में आता है। 

इनके अंदर तीन ऑफिसर की भर्ती भी होती है जिनकी ज़िम्मेदारी का ज़िम्मा पीठासीन अधिकारी को दिया जाता है। 

अगर किसी पोलिंग बूथ पर हिंसा या फिर दुर्व्यवहार होता है तो पीठासीन अधिकारी के पास यह हक है कि वह चुनाव आयोग को पत्र लिखकर उस बूथ का मतदान अमान्य घोषित करा सकते हैं। वोटिंग कराने से लेकर मॉनिटरिंग करना इनकी ज़िम्मेदारी का ही हिस्सा है। 

मोनिका दास का  अक्टूबर को पीठासीन अधिकारी के तौर पर प्रशिक्षण

आपको बता दें कि मोनिका दास को पीठासीन अधिकारी के तौर पर प्रशिक्षण 8 अक्टूबर को दिया जाएगा ताकि वह अपना पूरा कार्य बिना किसी बाधा के पूरा कर सकें।

 चुनाव आयोग से मिले इस खबर के बाद पूरे ट्रांसजेंडर समाज में खुशी की लहर है। ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्य समाज से जोड़ने के लिए यह कदम उठाया गया है जिसकी जितनी सराहना की जाए कम है। 

देश में पहली ट्रांसजेंडर बनेंगी पीठासीन पदाधिकारी, लॉ में हैं गोल्ड मेडलिस्ट मोनिका दास - The Begusarai

आज भी भारत में इस समुदाय के लोगों को समाज अपनाने से मना करता है और इन्हें इनके अधिकारों से वंचित रखा जाता है परंतु खुशी की बात यह है कि पिछले कुछ समय में इस समुदाय के लिए लोगों के मन में धारणा बदली है। 

ट्रांसजेंडर समुदाय में ख़ुशी की लहर

ट्रांसजेंडर समुदाय का मानना है कि चुनाव आयोग के फैसले के बाद उनके जीवन में बड़ा फर्क आएगा।

 पटना निवासी मोनिका दास पटना यूनिवर्सिटी से गोल्ड मेडलिस्ट रह चुके हैं और सौंदर्य प्रतियोगिता में भी फेस ऑफ़ पटना रह चुकी हैं। 

उनके बारे में कहा जाता है कि वह बहुत मेहनती है और लगन के साथ सारा कार्य करती हैं। आशा करते हैं इस कदम के बाद लोगों के मन में इस विशेष समुदाय को लेकर धारणा बदलेगी और इन्हें भी हर वह अधिकार और सम्मान मिलेगा जो समाज के आम व्यक्ति को प्राप्त है।

Digiqole Ad Digiqole Ad

Shashwat Baranwal

Related post