वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया ऐलान, राज्यों में 20,000 करोड़ रुपए के सेस का होगा वितरण

राज्यों में क्षति पूर्ति से मिले सेस के वितरण का ऐलान

सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी कॉउन्सिल की 42वी मीटिंग की गई। इस बैठक में वित्त मंत्री ने राज्यों में क्षति पूर्ति से मिले 20,000 करोड़ रुपए के सेस के वितरण का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि इसका वितरण आज रात को कर दिया जाएगा।

Govt to disburse compensation cess worth Rs 20000 cr to all states tonight announces Nirmala Sitharaman - वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण का ऐलान, आज रात राज्यों को जारी किए जाएंगे ...

2022 के बाद भी जारी रखा जाएगा सेस

वित्त मंत्री ने बताया कि बैठक में यह भी तय किया गया कि क्षति पूर्ति को जून 2022 के बाद भी जारी रखा जाएगा। बैठक में सेस को जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।

बता दे, क्षतिपूर्ति सेस का ट्रांजिशन पीरियड 5 साल का होता है, पहले जीएसटी लगाए जाने की समय सीमा 2022 तक की थी। लेकिन यह इसके बाद भी जारी रखा जाएगा। इसका सीधा- सा मतलब है कि कार, सिगरेट जैसे प्रोडक्ट पर कंपनसेशन सेस आगे भी लगाया जाएगा।


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21 राज्यों ने केंद्र सरकार के सुझाव विकल्पों में सहमति दी

वहीं इसी संबंध में जीएसटी परिषद की माल एवं सेवा कर उपकर संग्रह में कमी व राज्यों की क्षति पूर्ति पर आगे के विचार विमर्श के लिए, 12 अक्टूबर को एक बैठक की जाएगी।

बता दे, इस बैठक में राज्यों में भरपाई से संबंधित मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बनी। इसी को लेकर 12 अक्टूबर की बैठक में अनसुलझे मुद्दों पर बात की जाएगी।

जल्द ही होगा राज्यों को GST कंपनसेशन का भुगतान, वित्तमंत्री ने बताया 20 हजार करोड़ रुपये का वितरण शीघ्र, Compensation cess of Rs 20,000 crore to be distributed to states ...

वित्त मंत्री ने बताया कि 21 राज्यों ने केंद्र सरकार के सुझाव विकल्पों में सहमति दी। हालांकि कुछ राज्यों में असहमति बरकरार है।

केंद्र का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में GST संग्रह में 2.35 करोड़ रुपए के राजस्व की कमी हुई है। जिनमें से 97,000 करोड रुपए की कमी जीएसटी क्रियान्वयन और बाकी 1.38 लाख करोड़ का नुकसान कोरोना महामारी की वजह से हुआ है।

केंद्र ने इसके लिए राज्यों को दो विकल्प दिए हैंज़ जिसके अंतर्गत पहला विकल्प यह है कि 97,000 करोड़ रुपए या तो रिजर्व बैंक द्वारा दी जाने वाली विशेष सुविधा से या तो 2.35 लाख करोड़ रुपए बाजार से लिया जा सकता है।

कोरोना स्थिति की वजह से ऐसे हालात पैदा हुए 

विभिन्न राज्यों के आरोपों पर सीतारमण ने कहा कि हम मुआवज़े की राशि देने से इनकार नहीं कर रहे। उन्होंने बताया कि कोरोना स्थिति की वजह से ऐसे हालात पैदा हो गए हैं, जिसकी किसी ने भी कल्पना नहीं की थी।

उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं है कि केंद्र सरकार फंड पर कब्ज़ा जमाए बैठी है और देने से मना कर रही है। सीतारमण ने बताया कि आईजीएसटी के 24,000 करोड़ रुपए उन राज्य को मिलेंगे जिन्हें पहले कम दिए गए थे तथा इसे अगले हफ्ते तक जारी कर दिया जाएगा।

वहीं दूसरी ओर छोटे कर दाता को लेकर परिषद की बैठक के बाद वित्त सचिव अजय भूषण पांडे ने बताया कि जीएसटी परिषद ने इसरो और एंट्रिक्स के उपग्रह प्रक्षेपण सेवाओं को माल और सेवा कर के दायरो से छूट देने का निर्णय लिया है।

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Rohit Rahi

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