मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम कांड में विवादों में रही पूर्व मंत्री मंजू वर्मा को जदयू से फिर मिला टिकट

पूर्व मंत्री मंजू वर्मा को जदयू से फिर मिला टिकट

बिहार में विधानसभा  चुनाव  का बिगुल फूंक चुका हैं। बिहार में इस बार भाजपा एवं जदयू गठबंधन कर के चुनाव लड़ रही है। इनमें से बिहार के पूरे 122 विधानसभा  सीटों  में जदयू को 122 सीटें मिली थीं,और जिन में  7 सीटें जीतन राम मांझी की पार्टी ‘ हम ‘ को दी है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने बुधवार को अपने हिस्से के 115 उम्मीदवारों  के नाम का ऐलान किया है। इन 115 उम्मीदवारों की सूची में जो नाम सबसे चर्चा में है वो है जदयू सरकार में समाज कल्याण विभाग की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा।

मंजू वर्मा

मंजू वर्मा बिहार के 2018 में  घटित मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह कांड में आरोपी

मंजू वर्मा बिहार के 2018 में  घटित मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह कांड में आरोपी है, और इस वक़्त जमानत पर बाहर है। बिहार में विधानसभा  चुनाव  का बिगुल फूंक चुका हैं। सारी पार्टियां चुनाव की तैयारियों में पूरी जी जान से लगी है। चुनाव का एक सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव होता है टिकट बँटवारा।

 मंजू वर्मा

इसी कड़ी में बुधवार को बिहार की  सत्ताधारी पार्टी जदयू ने एक बार फिर अपनी किस्मत आजमाने  को अपने हिस्से की सभी 115 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा  कर दी हैं।  


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मंजू वर्मा को  चेरिया विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया गया 

जदयू के आरोप लगने के बाद ही उन्हें  पार्टी से निकाल दिया गया था और फिर भारी दबाव में उनसे मंत्री पद भी ले लिया गया  था। इतने गंभीर आरोपों के बाद भी उन्हें टिकट मिलना चौंकाने वाली बात है।

मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम का पूरा मामला

बताते चलें  कि 2018 में घटित मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम का पूरा मामला 34 लड़कियों के साथ यौन शोषण से जुड़ा हुआ है। यह पूरा घटना मंजू वर्मा में मंत्री पद में रहते हुए हुआ था। इस मामले ने बिहार ही नहीं पूरे देश की राजनीति में भूचाल ला दिया था।

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जहां एक शेल्टर होम में 34 लड़कियों से रेप की पुष्टि हुई थी। इस कांड  का मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर का  वर्मा से  लगातार संपर्क था, और  इस पूरे प्रकरण में मंजू वर्मा के पति चंद्रेश्वर वर्मा मुख्य रूप से शामिल थे जिन पर अवैध हथियार रखने का भी आरोप लगा था। 

दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 20 फरवरी 2019 को इस मामले में 23 आरोपियों को दोषी करार दिया था। जिनमे मंजू वर्मा के पति भी शामिल थे।

पूर्व डीजीपी  गुप्तेश्वर पांडेय को टिकट नहीं मिला 

हालांकि जदयू के उम्मीवारों की सूची  में दूसरी चौकाने वाली बात पूर्व  डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का नाम शामिल ना होना है। हाल ही में उनके द्वारा वीआरएस लेने के बाद ये अटकलें लगाई जा रही थी कि वो जदयू के टिकट लेकर बक्सर से चुनाव लडेंगे। लेकिन पहले भाजपा और अब जदयू के उम्मीदारों की सूची में उनका नाम ना होने से सारी अटकलों पर विराम लग गया है।

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Shreya Sinni

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