बिहार चुनाव में मोदी-शाह के सामने नयी चुनौती,अब सुशांत और पाकिस्तान का मुद्दा काम नहीं आएगा

बिहार चुनाव में मोदी-शाह के सामने नई चुनौती 

बिहार चुनाव : हम सभी इस बात से वाक़िफ़ हैं कि पिछले कुछ महीनों में चीन भारत की सीमा पर तनाव के चलते भारत और चीन के संबंधों में खटास आई है। चीन अभी भारत का सबसे बड़ा दुश्मन बन कर उभरा है इसमें कोई शक नहीं।तो फिलहाल के लिए भारतीय जनता पार्टी के पास कोई भावनात्मक मुद्दा नहीं है जिसके बदौलत वह लोगों के दिलों में अपने लिए जगह बना पाए।

bihar assembly election 2020 bjp candidate list ready to announced as ljp out from nda confusion about the list of seats in rjd and congress for bihar vidhan sabha chunav skt |

बिहार चुनाव का 28 अक्टूबर से श्री गणेश होगा 

बिहार चुनाव ने दस्तक दे दी है और 28 अक्टूबर से इसका श्री गणेश होने वाला है। भाजपा को ऐसा कोई मुद्दा खोजना होगा। अगर बात करें चीन की तो बहुसंख्यक भारतीयों में गुस्से और नफरत की भावना जिस तरीके से पाकिस्तान के लिए है वो चीन के लिए आनी मुश्किल है। भाजपा को पाकिस्तान के मुद्दे से हमेशा ही भारतीयों का समर्थन प्राप्त हुआ है लेकिन चीन के विषय में यह गलत होगा।

विधानसभा चुनाव 2020: इन राज्यों में बजा चुनावी बिगुल | Trending News


और पढ़ें:बिहार चुनाव:बीजेपी की बड़ी कार्यवाही, लोजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले 9 बागियों को किया निलंबित


हमेशा से ही किसी भी प्रकार के चुनाव में पाकिस्तान का मुद्दा उठाकर उनके खिलाफ बातें करना भाजपा और नरेंद्र मोदी की मुख्य योजना रही है । इसके कई सारे वजह हैं लेकिन एक मुख्य कारण है ज्यादातर भारत के लोग बँटवारे के बाद से ही पाकिस्तानियों से नफरत करते हैं। पिछले कुछ वर्षों से बढ़ रही आतंकवादी गति विधि और हमारे वीर जवानों की शहादत के बाद पाकिस्तानियों के लिए भारतीयों के मन में नफरत और गुस्सा है।

news on politics

पाकिस्तान हमेशा से ही हमारा पड़ोसी दुश्मन देश रहा है जिसकी वजह से दोनों देशों के संबंध कभी भी अच्छे नहीं रहे हैं। उसे एक कट्टर मुस्लिम देश के तौर पर जाना जाता है। भाजपा के अंध भक्तों के लिए पाकिस्तान एक इस्लामिक देश है जिससे निपटने के लिए मोदी से बेहतर कोई दूसरा विकल्प नहीं है।लेकिन बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए चीन का मुद्दा हावी हो सकता है। इसके चलते मोदी शाह को नए सिरे से योजना बनाने की जरूरत पड़ेगी।

bihar vidhan sabha election – Digital Women – Daring ! Inspiring ! Courageous

भारतीय जनता पार्टी ने पहले सुशांत सिंह राजपूत के मामले में मुख्य आरोपी रिया चक्रवर्ती पर निशाना बनाते हुए उनको दुश्मन के रूप में चुनाव में इस्तेमाल करने का योजना बनाया था लेकिन ऐम्स की रिपोर्ट के बाद जब यह कहा गया कि अभिनेता की मौत आत्महत्या से हुई है ना कि उनका हत्या किया गया तो इसके बाद यह मामला ठंडा पड़ता नजर आ रहा है।

बिहार में बिखरे विपक्ष

इसमें कोई शक नहीं कि बिहार में बिखरे हुए विपक्ष के चलते पहले से ही भारतीय जनता पार्टी और जदयू का गठबंधन चुनाव में मजबूत नजर आ रहा है लेकिन मोदी शाह को पूर्ण रूप से बहुमत के लिए एक ताक़तवर मुद्दे की जरूरत है जिसके दम पर चुनाव में उन्हें बहुमत मिल सके। भाजपा के लिए पाकिस्तान का मुद्दा हमेशा से ही कारगर साबित हुआ है।

Bihar Vidhan Sabha Chunav 2020: तय समय में ही होंगे बिहार में चुनाव, EC ने जारी की गाइडलाइंस | Ajay Bharat

भाजपा शासनकाल में गो टू पाकिस्तान एक डायलॉग के रूप में सामने आया था जिसके बाद बहुत सारे भाजपा नेताओं ने हिंदुत्व के सहारे इस नारे का पुरजोर उपयोग किया लेकिन इस चुनाव में यह मुद्दा कारगर साबित नहीं हो सकता क्योंकि सभी का ध्यान अभी भारत और चीन के बिगड़े रिश्तों पर है।

Digiqole Ad Digiqole Ad

Aparna Vatsh

Related post