कई महीने से सैलरी न मिलने पर दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के कर्मचारियों को क़र्ज़ लेकर चलाना हो रहा ख़र्च

दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड

दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को  कई महीनों से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारीयों के लिए घर चलाना हो गया है बहुत मुश्किल। वक़्फ़ बोर्ड में काम करने वालों में 30 प्रतिशत स्थायी सदस्य हैं जिन्हें 5 महीने से और 70 प्रतिशत संविदा पर हैं जिन्हें 9 महीने से वेतन नहीं मिला है।कर्मचारियों ने कहा है कि वेतन न मिलने और कर्ज़ के बढ़ते राशि के कारण से उनका परिवार भूकमरी का शिकार होने के कगार पर है।

ncr still Delhi Waqf Board Can not be constituted

 

प्रभात कुमार और चिन्मय ग्यामलानी की रिपोर्ट से हमे पता चला है कि  दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के कर्मचारियों को अपने निजी और सामाजिक जीवन में अनेक प्रकार के परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । लगभग ८०० विधवा महिलाएं हैं जो दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड द्वारा दिए जाने वाले पेंशन से अपना गुज़ारा करती हैं ।

वक़्फ़ बोर्ड में कर्मचारियों की  बढ़ती असुविधा

कर्मचरियों  से बातचीत पर पता चला है कि उनके बच्चों की पढ़ाई भी छूट गई है। जो लोग किराए के मकान में रहते हैं उनके पास किराया देने के लिए भी पैसे नहीं हैं ,खाने के लिए खाना नहीं है , पहनें के लिए कपड़ा  नहीं है । बीमारियां होने पर डॉक्टर दिखाने का भी, उनके पास पैसा नहीं है।

Unhappy employees of delhi wakf board will go on strike | दिल्ली वक्फ बोर्ड  का काम ठप्प! महीनों से सैलरी ना मिलने से परेशान कर्मचारी करेंगे हड़ताल |  Hindi News, Zee Salaam ख़बरें

कर्मचारियों के पास ,कहीं आने जाने के लिए भी पैसा नहीं है ।उनकी परेशानियां दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। घर चलाना तो मुश्किल सा गया है उनके लिए ।जनवरी के बाद से उन्हें कोई भी सैलरी नहीं मिली है ।  दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के कर्मचारियों को क़र्ज़ लेकर चलाना हो रहा अपना घर और दिन प्रतिदिन उनके कर्ज़  का अमाउंट भी  बढ़ता जा रहा है । कई लोगों ने करीब ५०,००० तक कर्ज़  लिए रखा है उन सभी की अवस्था चिंताजनक है।


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 सैलरी ना मिलने पर कर्मचारीयों ने लिखा पत्र

वक्फ बोर्ड के बारे में सुना होगा, लेकिन यहां जानिए इसके बारे में हर जानकारी

कई महीने से सैलरी न मिलने पर दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत उपमुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री व बोर्ड के सीईओ को पत्र लिखा है। जिसमें वक़्फ़ बोर्ड के कर्मचारियों ने कहा है कि बीते फरवरी से  बोर्ड का चेयरमैन न होने की वजह से उनका वेतन नहीं मिल रहा है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि बोर्ड के अस्थायी कर्मचारियों, इमामों और विधवाओं को पेंशन नहीं मिली है जिनके वजह से उन लोगों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।कर्मचरियों की मांग है कि भुखमरी के हालात पर पहुंच गए कर्मचारियों की जल्द से जल्द उनकी सैलरी दिलवाई जाए। साथ ही  साथ उन्होंने  यह भी कहा है कि वेतन न मिलने की इस कठिन अवस्था में उनके पास प्रदर्शन करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं होगा।

दिल्ली सरकार का आदेश

दिल्ली सरकार दिल्ली वक्फ बोर्ड का विशेष ऑडिट करवा रही है। इसका आदेश बुधवार को जारी किया गया है। राजस्व विभाग की तरफ से होने वाली ऑडिट के लिए चार सदस्यीय गठित टीम वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अमानतुल्ला खान के कार्यकाल मार्च 2016 से मार्च 2020 तक के कामकाज का ऑडिट कर रिपोर्ट दिल्ली सरकार को सौंपेगी।

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कई कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने से मजबूरन उन्हें दूसरा  काम ढूंढ़ना पड़ेगा क्यूंकि आखिर कब तक वे भूखे रहेंगे। मार्च में अध्यक्ष पद पर अमानतुल्लाह का कार्यकाल समाप्त हो गया था। उनके बाद से अध्यक्ष का चयन नहीं हो सका है। अभी अध्यक्ष के चुनाव के लिए बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन उस पर कोर्ट ने 19 नवंबर तक रोक लगा दी है। ऐसे में अध्यक्ष का चुनाव नहीं होने से कर्मचारियों के वेतन, पेंशन समेत अन्य खर्चों के भुगतान के मामले अटके हुए हैं जिसकी वजह से उनका जीवनयापन कठिन होता जा रहा है।

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