डॉक्टरों ने लिया फैसला दिल्ली के 27 अस्पतालों में 2 घंटे का ‘पेन डाउन’

डॉक्टरों के समर्थन में उतरी ‘फोरडा’

कोरोनाकाल में डॉक्टरों को कोरोना योद्धाओं की संज्ञा दी गई। लेकिन इन योद्धाओं को अब अपने वेतन के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है और अब धीरे-धीरे वेतन का यह मुद्दा गहराता जा रहा है। दरअसल, हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टरों के वेतन का संघर्ष जारी है, लेकिन अब उनके समर्थन में चिकित्सीय संगठन भी उतर चुके हैं।

Resident doctors of Hindu Rao Hospital protest against non-payment of salaries in New Delhi.

फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन इंडिया (फोरडा) ने सरकार और अथॉरिटीज  24 घंटे का अल्टीमेटम दे डाला है। यदि डॉक्टरों के वेतन को लेकर सरकार और इन अथॉरिटीज द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता तो सभी डॉक्टर सांकेतिक प्रोटेस्ट करेंगे। बता दे, पिछले 4 महीनों से नॉर्थ दिल्ली के एमसीडी अस्पतालों को वेतन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। वहीं उनके वेतन में इररेगुलेशन भी देखने को मिला है, जिसे लेकर फोरडा ने यह अल्टीमेटम जारी किया है।

डॉक्टर करेंगे 2 घंटे का ‘पेन डाउन’

फोरडा ने दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों से आह्वान किया है कि वहां के सभी डॉक्टर 2 घंटे के लिए पेन डाउन कर दें। इस सिंबॉलिक प्रोटेस्ट के जरिए सभी सरकारी अस्पतालों में  2 घंटे के लिए कामकाज पूरी तरह से बंद रहेगा। बता दे, यह प्रोटेस्ट नॉन कोविड-19 अस्पतालों में किया जा रहा है। इसमें सफदरजंग राम मनोहर लोहिया, एलएनजेपी, मौलाना आजाद जीटीबी सहित 27 बड़े-छोटे अस्पताल भी शामिल है।

Delhi: Hindu Rao Hospital removed from COVID-19 facilities list amid doctors strike

वही यदि उनकी इस मांग को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जाता तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल भी कर सकते हैं। गौरतलब है कि 5 अक्टूबर से हिंदूराव के डॉक्टर प्रतीकात्मक संघर्ष कर रहे हैं। वही 23 तारीख से करीब 5 डॉक्टर भी लगातार भूख हड़ताल कर रहे हैं। इन्हें प्रशासन द्वारा एक महीने की तो सैलरी दी गई है लेकिन अभी भी 3 महीने की सैलरी इन्हें नहीं मिली है तथा इनकी स्थिति में भी कोई बदलाव नहीं है।


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जाने, प्रोटेस्ट के संबंध में डॉक्टरों का क्या कहना 

Delhi's Hindu Rao Hospital now a dedicated COVID-19 facility- The New Indian Express

प्रोटेस्ट के संबंध में फोरडा के कार्यकारी अध्यक्ष डॉक्टर संदीप यादव कहते हैं कि, “कोरोनासंक्रमण की महामारी के इस दौर में डॉक्टर और हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स फ्रंट लाइन वॉरियर्स है। कोविड-19 की लड़ाई में दिन रात एक किया है। लेकिन हमारे साथियों को अपनी ही सैलरी के लिए स्ट्राइक करना पड़ रहा है। दिल्ली उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भी डॉक्टरों को वेतन नहीं दिया गया है, यह बहुत ही निराशाजनक है।“

डॉ संदीप ने यह भी बताया कि अन्य कोविड-19 अस्पतालों जैसे कि मौलाना आजाद और एलएनजेपी के डॉक्टर ब्लैक रिबन बांधकर प्रोटेस्ट करेंगे।वही इस संबंध में हिंदू राव अस्पताल आरडीए के वाइस प्रेसिडेंट डॉक्टर सागरदीप सिंह बावा भी अपने साथियों के साथ 24 घंटे से भूख हड़ताल पर लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि यदि डॉक्टरों को परमानेंट सलूशन नहीं दिया जाता तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन भी हो सकता है।

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