बिहार चुनाव प्रचार में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को लेकर बेपरवाह लोग, उड़ाई नियमों की धज्जियां

28 अक्टूबर को होगी पहले चरण की वोटिंग

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर पहले चरण की वोटिंग 28 अक्टूबर को की जाएगी। इसमें 16 जिलों में 71 सीटों के लिए मतदान किया जाएगा। जिसे लेकर चुनाव प्रचार के लिए बड़ी-बड़ी राजनीतिक रैलियां आयोजित की जा रही है। वहीं रैलियों में नेताओं को सुनने के लिए व उनकी एक झलक पाने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

Social distancing is being fiercely blown away, administration unaware, Ghosh Mor jam | सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर उड़ाई जा रही हैं धज्जियां, प्रशासन बेखबर, घोष मोड़ जाम - Dainik Bhaskar

आज चुनाव प्रचार खत्म होने जा रहा है इसलिए सभी नेताओं ने चुनाव प्रचार में अपने जी जान झोंक दिए। लेकिन इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंड ताक पर रख दिए गए है।

चुनाव में तेजस्वी समर्थक बोले-‘पहले नीतीश को हराना है, बाद में कोरोना का हराएंगे’

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मुख्यमंत्री पद के दावेदार तेजस्वी यादव तथा अन्य नेताओं की चुनावी रैलियों में सैकड़ों लोग बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के नजर आए।वही मंगलवार को सनोखा में तेजस्वी यादव की जनसभा हुई, जहां उनके समर्थकों ने नारे लगाए कि, “अभी हमें नीतीश कुमार को हराना है, हम बाद में कोरोना को हराएंगे” सकते हैं। यही स्थिति भाजपा सांसद मनोज तिवारी के कहलगांव की रैली में भी देखने को मिली।

बिहार चुनाव में प्रचार में जुटे नेता, ताक पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियम! - Unmasking poll rallies 6 feet ki doori norm goes for a toss as Bihar netas hit the streets - AajTak


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चुनाव आयोग उठा सकता है कड़े कदम

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने पहले ही कोविड-19 प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी थी। लेकिन इन नियमों को बिल्कुल नज़रअंदाज़ कर दिया गया और बड़ी तादाद में इन चुनावी रैलियों में लोगों की भीड़ उमड़ी दिखाई थी। कई लोगों ने तो सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों और मास्क तक नहीं पहन रखे थे। वहीं इससे पहले 21 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला प्रशासन को उचित और प्रासंगिक दंडात्मक प्रावधानों को लागू करने के निर्देश दिए थे।

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बता दे, इन रैलियों के आयोजकों ने भी दिशा निर्देशों को ताक पर रख दिया। यदि ऐसे ही चलता रहा तो नियमों के उल्लंघन को लेकर उम्मीदवारों और आयोजकों पर 2005 और भादंसं की धाराओं के तहत 2 साल तक कारावास भुगतना पड़ सकता है।

इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार सिंह का कहना है कि, “हम चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों को लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर सामाजिक दूरी के मापदंड का उल्लंघन करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।“

नियमों के उल्लंघन पर रैलियों के आयोजकों पर हुई कार्रवाई

चुनाव आयोग में रैलियों के आयोजनकर्ताओं पर कोविड-19 की अनदेखी के चलते कार्यवाही की गई है। इस संबंध में 11 अक्टूबर को गया जिला प्रशासन द्वारा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की रैली के आयोजक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई गई। वहीं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के साले साधु यादव के खिलाफ भी इस संबंध में FIR दर्ज करवाया गया है।

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