बसपा को लगा राज्यसभा चुनाव से पहले झटका, बागी विधायकों की बीजेपी से सांठ-गांठ

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू का कहना है कि ऐसा देखकर लग रहा है कि आने वाले राज्यसभा चुनाव में भाजपा और बसपा गठबंधन बनाएगी क्योंकि भाजपा में अभी तक नौवां उम्मीदवार नहीं है। राज्यसभा चुनाव आने वाला है और राजनीति के गलियारों में इसकी चर्चा की शुरुआत बसपा के बागी विधायकों से हुई। ख़बर है कि बीजेपी से सांठगांठ कर बसपा के साथ विधायक ने पार्टी से बगावत कर लिया है। यह बगावत राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले है जिसकी वजह से मायावती को लगा बड़ा झटका।

mayawati

बसपा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि

बागी विधायकों में बीएसपी विधायक असलम राईनी, हाकिम लाल बिंद, मुजतबा सिद्दीक़ी, असलम अली और हरगोविंद भार्गव शामिल है जिन्होंने बुधवार की सुबह निर्वाचन अधिकारी से मिलकर गौतम का पर्चा ख़ारिज़ करने की मांग की है। इसके बाद यह सारे विधायकों ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से लंबी बातचीत की। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि यह सारे सपा में शामिल हो सकते हैं। बीएसपी के ही दो और विधायक सुषमा पटेल और वंदना सिंह ने भी सभा में जाने के संकेत दिए हैं। राजनीति के गलियारों में हलचल बढ़ गई है क्योंकि राज्यसभा चुनाव सिर पर है और ऐसे में 7 विधायकों का बागी हो जाना मायावती के लिए बड़ा झटका है।


और पढ़ें :तेजस्वी यादव का 10 लाख‌ सरकारी नौकरियों का वादा बदलेगा देश की सियासत


बसपा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि दसवीं राज्यसभा सीट पर बसपा और भाजपा में अंदरूनी सांठगांठ के वजह से यह विधायक नाराज़ थे और इसीलिए उन्होंने पार्टी से बगावत की। कहा यह भी जा रहा है कि यह बागी विधायक कई दिनों से सपा के संपर्क में थे। समाजवादी पार्टी के नेता उदयवीर सिंह ने इस बात की पुष्टि भी कर दी है कि बसपा के यह बागी विधायकों ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। उन्होंने यह भी बताया कि वह लोग पार्टी के अंदरूनी गतिविधियों से खफा थे और इसीलिए उन्होंने सपा से संपर्क किया।

Bsp Mayawati reaction after 6 mla join congress in rajasthan | 6 विधायकों के पार्टी छोड़ने पर बोली मायावती- कांग्रेस ने धोखेबाज पार्टी होने का प्रमाण दिया - Dainik Bhaskar

उत्तर प्रदेश में इस वर्ष 25 नवंबर को राज्यसभा की 10 सीट खाली होने वाली है

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में इस वर्ष 25 नवंबर को राज्यसभा की 10 सीट खाली होने वाली है। इसी को लेकर चुनाव होने हैं जिसका नामांकन मंगलवार तक देना था। भाजपा ने पहले ही 8 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है जिसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, पूर्व डीजीपी बृजलाल, नीरज शेखर, हरिद्वार दुबे, गीता शाक्य, बीएल शर्मा और सीमा द्विवेदी को शामिल किया गया है। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी ने अपना एकलौता उम्मीदवार राम गोपाल यादव को मैदान में उतारा है।

बसपा की ओर से रामजी गौतम को उम्मीदवार बनाया गया है। समीकरण के हिसाब से देखें तो बसपा के आठ और सपा का एक विधायक बिना किसी विरोध के चुन लिया जाएगा लेकिन दसवीं सीट के लिए बसपा कैंडिडेट और निर्दलीय कैंडिडेट में वोटिंग होना तय है। यूपी में मौजूदा विधानसभा सदस्य संख्या के एक उम्मीदवार को 36 वोटों की जरूरत पड़ेगी जीत के लिए।

गौरतलब हो कि पिछले कुछ वक्त से बसपा प्रमुख मायावती भाजपा को लेकर नरम नजर आ रही है।वह कांग्रेस पर जिस तरीके से हमला बोलती हैं उस तरीके से भाजपा को लेकर नहीं बोल रही है। इसी कारण को देखते हुए कांग्रेस ने उन्हें बीजेपी का अघोषित प्रवक्ता करार दिया था। हाथरस कांड में भले ही मायावती ने योगी सरकार पर सवाल उठाए लेकिन केंद्र में मोदी सरकार को लेकर नरम दिखी।

Digiqole Ad Digiqole Ad

Aparna Vatsh

Related post