क्या निकिता तोमर हत्याकांड में चुप्पी हमारे सेक्युलर होने पर सवाल उठाती है?

निकिता तोमर हत्याकांड के सेक्युलर गलियारे

निकिता तोमर हत्याकांड को कई दिन बीत चुके हैं और अभी तक सेक्युलर गलियारे में कुछ खास हलचल पैदा नहीं हुई है। या हत्या एक साधारण हत्या नहीं बल्कि एक ऐसी गुणवान लड़की की हत्या है जिसके सपने बहुत बड़े थे।

जो धर्म परिवर्तन के खिलाफ थी और अपनी पढ़ाई में अव्वल थी। वह आईएएस ऑफिसर बनना चाहती थी और देश के लिए काम करना चाहती थी लेकिन किसे पता था कि जिस गली से गुजर कर वह कॉलेज तक एग्जाम देने जा रही है उसी गली में‌ उसकी अर्थी उठेगी।

निकिता तोमर की हत्या पर क्यों चुप हैं सेकुलर मीडिया और बुद्धिजीवी - पाञ्चजन्य - राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका | Panchjanya - National Hindi weekly magazine

यह केस अपने आप में ही कई सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस ने दावा किया है कि तीनों आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनकी पेशी कोर्ट में हुई। पुलिस रिमांड में आरोपी तौसीफ ने निकिता को लेकर कई खुलासे किए हैं।

उसने बताया कि 12वीं में निकिता और वह एक ही स्कूल में पढ़ते थे और उसी दौरान निकिता से उसे एक तरफा प्यार हो गया। वह निकिता से जबरन शादी करना चाहता था लेकिन निकिता इसके सख्त खिलाफ थी। इसी से परेशान होकर तौसीफ उसे धमकियां देने लगा।इससे भी बात नहीं बनी तो तौसीफ ने अपने दोस्त के साथ मिलकर निकिता को रास्ते से हटाने की साजिश रची‌ और दुर्भाग्य से इसमें कामयाब भी हो गया।


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क्या है पूरा मामला?

आपको बता दें कि 26 अक्टूबर को निकिता तोमर नाम से बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा अपनी एक सहेली समेत घर से एग्जाम देने कॉलेज जा रही थी। तौसीफ नाम के आरोपी ने रास्ते में ही उसका रास्ता रोका और गोली मार दी जिसके बाद मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। तौसीफ अपने दोस्त रोहन समेत निकिता को जबरदस्ती गाड़ी में बैठाने का प्रयास कर रहा था जिसका विरोध निकिता समेत उसकी मित्र ने भी किया इसके बाद ही तो सिर्फ में उसे गोली मार मौके से फरार हो गया। हालांकि पुलिस ने मुख्य आरोपी तौसीफ समेत दो लोगों को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया है और उसकी पेशी कोर्ट में भी कर दी गई है।

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Aparna Vatsh

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