हम एक अघोषित आपातकाल में रहते हैं- गौहर रज़ा लाइव

गौहर रज़ा, एक वैज्ञानिक, शायर, एक्टिविस्ट. जो सरकार की गलत नीतियों पर मुखर रूप से बोलते और सवाल उठाते हैं. “अब के माहौल में ये बहुत अजीब चीज़ ये है कि ये आपातकाल अघोषित है.” सरकार इस बात से सबसे अधिक नाराज़ है कि जिनके नाम थोड़े हिन्दू जैसे हैं वो क्यों उनका या एनआरसी का विरोध कर रहे थे क्योंकि उनका इससे कोई लेना देना नहीं था. ये सिर्फ़ मुसलमानों को बाहर करने के लिए था इसीलिए प्रो.अपूर्वानंद और सीताराम येचुरी जैसे लोगों का नाम दिल्ली दंगों में फंसाया जा रहा है. एक अनालोजी है, अगर मेंढक को पानी में रखा जाए और तापमान बढ़ा दिया जाए तो वो फ़ौरन पानी से कूद जाएगा, लेकिन अगर तापमान धीरे-धीरे बढ़ाया जाए तो उसे पता भी नहीं चलेगा कि उसकी जान को ख़तरा है. अभी की सरकार फ़ासिस्ट हो चुकी है- गौहर रज़ा. फ़ासिस्ट सरकार सबसे पहले समाज के बुद्धिजीवी वर्ग पर हमला करती है और उसे ही चुप करवाती है. जामिया और जेएनयू हिंसा के आरोपियों को सरकार खोज नहीं पा रही ही लेकिन दंगों में लोगों को सरकार और पुलिस ज़रूर फंसा रही है. हमलोगों ने एक बार इमरजेंसी को झेला है और उसके ख़िलाफ़ जीत हासिल की है इसीलिए आज की सरकार खुले तौर पर इमरजेंसी घोषित नहीं कर पा रही है.ये अब आने वाली पीढ़ी पर है कि वो इस फ़ासिस्ट सरकार के खिलाफ़ कैसे जीत हासिल करेंगे.

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