उत्तरप्रदेश में लगातार बढ़ रही रेप की घटनाएं ,नहीं थम रहीं उसकी वारदातें

उत्तरप्रदेश में लगातार बढ़ रहे रेप की घटनाएं

हम आपको बता दें कि यूपी के किसी न किसी जिले से लगभग रोज़ ही रेप की घटनाएं सामने आ रही हैं। अब प्रश्न उठ रहा कि यूपी के फतेहपुर,कानपुर,बुलंदशहर जैसे जगहों में महिलाएं सुरक्षित क्यों नहीं है? उत्तर प्रदेश में हाथरस गैंगरेप का मामला ही अभी ठंडा नहीं पड़ा था कि अब यूपी के अन्य जिलों से भी रेप की घटनाएं सामने आ रही है। हम बता दें कि उत्तरप्रदेश में महिला अपराध के सबसे ज्यादा केस सामने आए हैं। वहां मात्र 14, 8 और 7 साल की उम्र की बच्चियों को रेप का शिकार बनाया गया है। डराने वाली बात यह है कि इन सब केस में बच्चियों के साथ दरिंदगी की गई है जो दिल दहलाकर रख देते हैं। उत्तर प्रदेश में लगातार एनकाउंटर के बाद भी अपराधियों के मन में  खौफ नहीं है।

After Nirbhaya Case Increased Incidents Of Rape - निर्भया रेप केस: लगातार बढ़ रही हैं दुष्कर्म की घटनाएं | Patrika News

जानकारी के तौर पर बता दें उनमें कुछ मामले जैसे कानपुर में छह साल बच्ची की हत्या जिसका लीवर तक निकाल लिया गया, फतेहपुर में तालाब में दो दलित बहनों की लाश मिली साथ ही बुलंदशहर में कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़िता ने खुदकुशी कर ली। एक बाद एक लगातार हो रही इस रेप की घटनाओं ने उत्तर प्रदेश  में हड़कंप मचा दिया है।

महिला अपराधों की  कानपुर, फतेहपुर और बुलंदशहर से आई दर्दनाक खबरें

17 नवंबर को यूपी की एक घटना सामने आई है जहां करीब 50 बच्चों के यौन शोषण के आरोप में जूनियर इंजीनियर को गिरफ्तार किया गया। केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के जूनियर कर्मचारी को पिछले 10 वर्षों में 50 से अधिक बच्चों, जिनकी उम्र पांच से 16 साल के बीच है उनके साथ यौन शोषण के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया है। आरोपी ऑनलाइन वीडियो और तस्वीरें को बेचा भी करता था। बता दें बच्चों के साथ यौन शोषण राज्य के तीन जिलों – चित्रकूट, बांदा और हमीरपुर में हुआ तथा आरोपी को बांदा जिले से गिरफ्तार किया गया और उसे जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा पर अभी इस मामले में पुलिस को और लोगों की भी तलाश जारी है।

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वहीं दूसरी घटना फतेहपुर की है जिस में दलित समुदाय की दो नाबालिग बहनों की हत्या कर दी गई एवं उनके शव जिले के एक गांव में स्थिति तालाब से मिले हैं। पुलिस का कहना है कि बच्चियां सोमवार दोपहर को चने का साग तोड़ने खेत गई थीं और देर शाम तक घर न लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश की थी इसके बाद बता दें कि रात में बच्चियों के शव तालाब में मिले थे। एएसपी ने बताया कि परिजनों और ग्रामीणों ने अज्ञात लोगों पर रेप या रेप करने में असफल होने के बाद हत्या करके शव तालाब में फेंकने का आरोप लगाया है।


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एक और खबर जहां बुलंदशहर में एक 19 साल की रेप विक्टिम ने की खुदकुशी कर ली। वहां पुलिस के निष्क्रियता का आऱोप है। 24अक्टूबर को अनूपशहर पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज़ किया था। परिवार का कहना है कि पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही थी जिससे परेशान और दुखी बेटी ने आत्महत्या कर ली और अब सुसाइड के बाद 19 नवंबर को हरियाणा के फरीदाबाद से आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

उत्तरप्रदेश मिशन शक्ति अभियान सफल या असफल

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी मिशन शक्ति अभियान पर पूछती हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताना चाहिए कि मिशन शक्ति अभियान कितना सफल रहा है। यूपी में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध का हवाला देते हुए प्रिंयका ने ट्विटर पर लिखा है कि यह राज्य महिलाओं के लिए एकदम सुरक्षित नहीं है। कई जगहों पर तो लड़कियों ने जान दे दी क्योंकि उनकी कोई सुनवाई न हुई।

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NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक 2018 से 2019 के बीच उत्तर प्रदेश राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध के सबसे ज्यादा 59,853 केस सामने आए । साथ ही उत्तर प्रदेश में ही POCSO Act के तहत बच्चियों के खिलाफ अपराध के सबसे ज्यादा 7,444 केस सामने आए हैं। दहेज के मामलों से लेकर अनुसूचित जाति के खिलाफ अपराध में उत्तर प्रदेश का नाम सबसे आगे है। और महिला अपराधों की जो दर्दनाक खबरें  सामने आईं हैं, वो ये सोचने पर मज़बूर कर देती है कि  महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए अपराधियों पर गंभीर कानून व्यवस्था क्यों नहीं है।

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