बीफ के लिए गोमाता शब्द इस्तेमाल करने से कोर्ट ने रेहाना के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर लगाई रोक

बीफ के लिए गोमाता शब्द इस्तेमाल

एक कुकरी शो में सामाजिक कार्यकर्त्ता रेहाना फ़ातिमा द्वारा बीफ़ के लिए गोमाता शब्द के प्रयोग करने पर दर्ज मामले में केरला होईकोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने रेहाना पूरे मामले को सुनते हुए रेहाना फातिमा के सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करने पर रोक लगा दी है।

बीफ़ के लिए गोमाता शब्द के प्रयोग पर कोर्ट ने कार्यकर्ता के सोशल मीडिया पोस्ट करने पर लगाई रोक

केरल हाईकोर्ट में जस्टिस सुनील थॉमस की पीठ ने इस मामले के खिलर दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा उन्होंने कहा कि रेहाना फातिमा द्वारा गोमाता शब्द का इस्तेमाल करने से लाखों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं।


और पढ़ें : 71 वर्ष के राजनीति वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल की दुखद एवं असामयिक मृत्यु 


रेहाना ने इस साल फरवरी महीने में यूट्यूब पर अपना एक कुकरी शो अपलोड किया था जिसका शीर्षक ‘गोमाता उलार्थ’

Use of 'Gomatha' as a synonym for meat can hurt Hindu sentiments: Kerala HC | SabrangIndia

केरला हाईकोर्ट के जस्टिस ने सुनवाई करते हुए अपने आदेश में कहा कि, ‘इस अदालत के समक्ष ऐसी कोई सामग्री नहीं आई है जिससे पता चले कि देश में कहीं भी बीफ के लिए गोमाता शब्द का इस्तेमाल होता है। ‘गोमाता उलार्थ’ शब्द का इस्तेमाल गलत मंशा और जानबूझकर किया गया था। इस तरह की अत्यधिक आपत्तिजनक वीडियो अपलोड करने से भक्तों के मौलिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

जज ने यह भी कहा कि इस तरह के गंभीर उल्लंघन का स्वाभाविक परिणाम यह हो सकता है कि कार्यकर्ता की जमानत को रद्द कर दिया जाए। लेकिन वह इस विश्वास के साथ उन्हें आखिरी अवसर देने के इच्छुक हैं कि वह दूसरों के अधिकारों को पहचानना शुरू करेंगी।

कोर्ट ने रेहाना फातिमा के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से या किसी अन्य शख्स के जरिये किसी भी सोशल मीडिया माध्यम पर कोई कंटेट पब्लिश, ट्रांसमिट, शेयर, अपलोड या प्रसारित करने पर रोक लगाई है। वहीं कोर्ट ने फातिमा के कुकरी शो वाले वीडियो को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने के लिए पुलिस के समक्ष जाने को कहा है। 

रेहाना का विवादों से है पुराना नाता

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आज - BBC News हिंदी

वर्ष 2018 में रेहाना  फातिमा उस समय चर्चा में आई थीं। जब उन्होंने सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें भक्तों और दक्षिणपंथी प्रदर्शनकारियों के विरोध के बाद वापस लौटना पड़ा था।

बाद में इस मामले में काफी बवाल हुआ था और फिर इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में सभी उम्र की महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में प्रार्थना करने की मंजूरी दी थी।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए 28 सितंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने 4:1 के बहुमत से फैसला दिया था कि सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को जाने की इजाजत है।

रेहाना फातिमा पर पॉस्को, आईटी सहित कई धाराओं में दर्ज है मामला 

कौन हैं रेहाना फातिमा? 'किस ऑफ लव' से सबरीमाला प्रवेश की कोशिश तक विवादों का साथ - who is rehana fathima the woman who loves to break the rules atrc - AajTak

इसके अलावा  एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने की वजह से इस साल जून महीने में रेहाना फातिमा पर पॉक्सो एक्ट,आईटी एक्ट 2000 और जेजे एक्ट 2015 के तहत मामला दर्ज किया गया था। वहीं साल 2018 में ही रेहाना फातिमा को फेसबुक पर एक आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट करने के लिए धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।

Digiqole Ad Digiqole Ad

Shreya Sinni

Related post