सुप्रीम कोर्ट ने अमीश देवगन के ख़िलाफ़ एफ़आईआर को रद्द करने से किया इनकार

 अमीश देवगन के ख़िलाफ़ एफ़आईआर को रद्द करने से किया इनकार

हम आपको बता दें कि न्यूज़ एंकर अमीश देवगन ने 15 जून को प्रसारित अपने टीवी शो में  सूफ़ी संत ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के विषय में  कुछ अपमान जनक टिप्पणियां  की थीं। और जिसके बाद उनके ख़िलाफ़ राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना में मामले दर्ज किए गए थे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अमीश देवगन के ख़िलाफ़ विभिन्न राज्यों में दर्ज की गई एफ़आईआर को राजस्थान के अजमेर ट्रांसफ़र करने के लिए आदेश दिया है।

अमीश देवगन के ख़िलाफ़ FIR रद्द करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार - BBC News हिंदी

दरअसल न्यूज़ एंकर ने स्वयं कहा था कि उनकी ज़ुबान फिसल गई जिस कारण से उन्होंने ऐसा कहा और इसलिए वे अपनी तरफ़ से खेद भी ज़ाहिर करते हैं। इस विषय पर सोमवार को जस्टिस ए एम खानविलकर एवं जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने बताया कि सभी एफ़आईआर को मिलाते हुए अगर अमीश देवगन जाँच में पूरी तरह  सहयोग करते हैं तो उनके ख़िलाफ़ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जाएगी।


और पढ़ें :दो समलैंगिक लड़कियों ने घर से भागकर आपस में की शादी,रिश्ते में लगती है चचेरी बहन


सूफ़ी संत को कहा हमलावर और लुटेरा 

अमीश देवगन ने अपने टीवी प्रोग्राम आर-पार में ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती को जिन्हें ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ के तौर पर हम जानते हैं। उस सूफ़ी संत को  ‘हमलावर’ और ‘लुटेरा’ बोल दिया था। हालांकि अमीश देवगन ने टीवी प्रोग्राम में माफ़ी माँगने के अलावा 16-17 जून को अपने ट्विटर के ज़रिए भी अपनी इस गलती के लिए सफाई दी थी। और अमीश देवगन ने इस घटना को अनजाने में हुई एक त्रुटि बताया था। उन्होंने ईमानदारी से इस गंभीर त्रुटि के लिए माफ़ी मांगी थी और बताया था कि उन्हें  इस ग़लती  पर बेहद ही अफ़सोस है।

Supreme Court | एंकर अमिश देवगन को SC से राहत नहीं, सूफी संत के खिलाफ टिप्पणी मामले में चलेगा केस - Amish Devgan

जिसके बाद से उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी अपमानजनक टिप्पणियों से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया है। वही बात अगर सूफ़ी की करें तो अजमेर में 13वीं शताब्दी के पूजनीय सूफ़ी संत ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरग़ाह है। जहाँ हर वर्ष बहुत ज्यादा संख्या में लोग ज़ियारत करने जाया करतें हैं।

Digiqole Ad Digiqole Ad

PRIYANKA

Related post